हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के जोगिंद्रनगर में एंबुलेंस को रास्ता न देना एक वाहन चालक को भारी पड़ गया। पुलिस ने यातायात नियमों की अनदेखी करने और एंबुलेंस का रास्ता बाधित करने के मामले में संबंधित कैश वैन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का चालान किया है।
इस कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और इसे सड़क सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम एक एंबुलेंस मरीज को लेकर अस्पताल की ओर जा रही थी।
मरीज की स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस चालक लगातार सायरन बजाते हुए रास्ता मांग रहा था ताकि मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसी दौरान पुलिस थाना जोगिंद्रनगर के समीप सामने से आ रही एक कैश वैन ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस चालक द्वारा रास्ता देने का अनुरोध किए जाने के बावजूद कैश वैन चालक ने वाहन आगे बढ़ाने के बजाय एंबुलेंस को पीछे हटाने के लिए कहा। इससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और एंबुलेंस को आगे बढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना के समय मौके पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे सब इंस्पेक्टर लालचंद ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने कैश वैन चालक को वाहन पीछे करने और एंबुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तुरंत रास्ता देने के निर्देश दिए। हालांकि चालक ने पुलिस के निर्देशों का पालन करने के बजाय बहस शुरू कर दी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पुलिस ने एंबुलेंस का रास्ता रोकने और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी के निर्देशों की अवहेलना करने को गंभीरता से लिया। इसके बाद मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का चालान किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर चलते समय एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों को तत्काल रास्ता दें। अधिकारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में कुछ मिनटों की देरी भी किसी मरीज के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए प्रत्येक वाहन चालक का दायित्व है कि वह यातायात नियमों का पालन करते हुए मानवता और जिम्मेदारी का परिचय दे।

