
सोलन-जीवन वर्मा
कसौली पर्यटन नगरी चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब की सीमा के साथ सटे होने के कारण यहां वीकेंड पर शनिवार और रविवार को पर्यटकों की आवाजाही काफी ज्यादा होती है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बनने वाली चेन को तोडऩे व इस को रोकने के लिए दोनों दिन मार्केट बंद के निर्णय से यहां के दुकानदारों को काफी घाटा हो रहा है।
ज्ञात रहे वैसे भी कसौली में सोमवार को मार्केट पहले से ही बंद रहती थी। कोरोना बंदिशों के कारण बाजारों में जहां व्यापार पर काफी असर देखने को मिल रहा है वहीं इन बंदिशों के कारण होटलों कारोबारियों का काम काज भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब ऐसे में कारोबारियों को भी भय सताने लगा है कि यदि ये दो दिवसीय बंद लंबा चलता है तो इनका सारा कारोबार तो बिलकुल हाशिये पर पहुंच जाएगा।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि शनिवार और रविवार को दुकान बंद रखने से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। वहीं कसौली हेरिटेज मार्केट के दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकानें छावनी बोर्ड के अंतर्गत आती है और उन्हें छावनी परिषद को प्रतिदिन के हिसाब से किराया भी देना पड़ता है। लेकिन शनिवार व रविवार को मार्केट बंद होने के कारण उन्हें किराया देने में भी परेशानी आ रही है।
उन्होंने कहा है कि शनिवार और रविवार को ही पर्यटकों की आवाजाही अधिक होती है और उनकी बिकरी भी इन्ही दो दिनों में ज़्यादा होती है। कारोबारियों की माने तो इन दो दिनों के बंद के कारण करीब 30 से 40 फीसदी कारोबार पर असर देखने को मिला है।
उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से अपील की है कि पूर्व की भांति उन्हें शनिवार व रविवार को मार्केट खोलने के आदेश दिए जाएं, भले सोमवार और मंगलवार को विशेष प्रावधानानुसार दुकानें बंद कर दी जाएं ताकि उन्हें नुकसान न हो और कसौली घूमने आए पर्यटकों को भी किसी भी किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़ा।
