जेबीटी मेें शामिल नहीं होंगे बीएड, मुख्यमंत्री जयराम ने दिया आश्वासन

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिया आश्वासन, नहीं बदले जाएंगे भर्ती के नियम

शिमला- जसपाल ठाकुर

जेबीटी के प्रशिक्षुओं को सरकार से राहत वाला आश्वासन मिला है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जेबीटी प्रशिक्षुओं को आश्वासन दिया है कि जेबीटी के भर्ती नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। वर्तमान नियमों से ही भर्ती होगी।  मुख्यमंत्री से जेबीटी वालों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मिला। कैबिनेट में पहले ही शिक्षा सचिव सारा मामला रख चुके थे।

जेबीटी प्रशिक्षु सोमवार को धरना देने के लिए शिमला आए थे। इन्हें पुलिस ने टालैंड में रोक लिया और सचिवालय के घेराव की अनुमति नहीं दी। पूरा दिन चले धरना प्रदर्शन के बाद ये मुख्यमंत्री से मिलने गए। इस दौरान सीएम ने कहा कि जेबीटी प्रशिक्षुओं की मांग जायज है और आरएंडपी रूल्स से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इसके लिए सरकार हाई कोर्ट में रिव्यू पीटीशन करेगी और जरूरत पड़ी, तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद जेबीटी संघ काफी संतुष्ट नजर आया।

जेबीटी संघ के अध्यक्ष अभिषेक ने कहा कि सरकार से मिले आश्वासन से उन्हें राहत मिली है और अब अगले कदम का इंतजार किया जाएगा। इससे पहले जेबीटी भर्ती में बीएड को पात्र बनाने के विरोध में प्रदेश के  विभिन्न जिलों से आए करीब 200 प्रशिक्षुओं ने टालेंड में जोरदार नारेबाजी की। जेबीटी प्रशिक्षित संघ मांगें पूरी न होने के विरोध में सचिवालय का घेराव करने की तैयारी में था, लेकिन उन्हें टालेंड से आगे नहीं जाने दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूरा दिन प्रशिक्षु नारेबाजी करते रहे।

बीते रोज हुए प्रदर्शन के कारण बिगड़ी कानून व्यवस्था को देखते हुए इसकी इजाजत नहीं दी गई। प्रशिक्षुओं ने कहा कि वह सरकार से केवल इतनी गुहार लगाने आए हैं कि उनका केस कोर्ट में लड़ंे। वह कानून को अपने हाथों में नहीं लेंगे। प्रदेश में 40 हजार युवाओं ने जेबीटी और डीएलएड डिप्लोमा किया हुआ है।

भर्ती में देरी की वजह से उन्हें अभी तक नौकरी नहीं मिली है। यदि बीएड भी जेबीटी भर्ती के लिए पात्र माने जाते हैं, तो उनका नंबर ही नहीं आएगा। भर्ती एवं पद्दोन्नति नियमों में बदलाव होने से जिला के डाइट संस्थान व निजी शिक्षण संस्थानों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसके साथ ही बीएड अभ्यर्थी भी जेबीटी पदों में आएंगे, तो उनका नंबर कई सालों बाद आएगा।

ऐसे में मांग की जा रही है कि आरएंडपी रूल्स से कतई छेड़छाड़ न की जाए। पिछले तीन सालों से यह विवाद चलता आ रहा है और इस कारण कमीशन और बैचवाइज दोनों प्रकार से भर्तियां रुकी हुई हंै। पिछले तीन दिनों से 12 सरकारी और 28 निजी डाइट केंद्रों में जेबीटी प्रशिक्षु लगातार धरना कर रहे हंै।

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