स्कूल खोलने के फैसले का स्वागत लेकिन निजी स्कूलों की बसों के टैक्स माफ करे प्रदेश सरकार

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परागपुर- आशीष कुमार

बिना अनुदान प्राप्त स्कूल एसोसिएशन की आपात बैठक परागपुर के गांव सदवां में सोमदत्त कालिया की अध्यक्षता में हुई। जिसमें स्कूल खोलने का स्वागत व निजी स्कूलों की बसों के टैक्स माफ करने की मांग सरकार से की है। बैठक में संघ के उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, अजीत सिंह, विशाल, विनायक चौधरी आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।

संघ ने स्कूल खोलने के सरकार के फैंसले का स्वागत किया है। बिना अनुदान प्राप्त स्कूल एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि कोविड-19 के दौरान पिछले दो सालों से स्कूलों की बसें खड़ी रही। इसलिए इस अवधि का रोड टैक्स माफ किया जाए। वह बस दस्तावेजों की मान्यता भी अब 31 मार्च 2022 तक बढ़ाई जाए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमदत कालिया व उपाध्यक्ष पंकज शर्मा का आरोप है कि निजी स्कूल सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार खोलने के लिए तैयार हैं। लेकिन स्कूल बसों को लेकर आ रही टेक्स इंश्योरेंश फिटनेस आदि समस्याओं ने परेशानी पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि इस समय स्कूल बसों का संचालन करना बहुत ही मुश्किल है।

स्कूल बसें पिछले पौने दो साल से खड़ी हैं और स्कूल बसों के टैक्स इंचार्ज एवं अन्य खर्चे बहुत ज्यादा है। स्कूल बसों के ड्राइवर एवं कंडक्टर नौकरियां छोड़ चुके हैं। इसमें हमारा सरकार को यह सुझाव एवं मांग है कि सरकार हमें थोड़ा समय दे और स्कूल बसों के टैक्स माफ करने के बारे में विचार करें।

उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि बसों को पुराने दस्तावेज को कि 31 मार्च 2022 तक मान्य कर दिया जाए ताकि स्कूल इस समय के अंदर अंदर अपने-अपने टैक्स इंश्योरेंस आदि को भर सके। उन्होंने कहा कि आज हर बस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्चा अनुमानित है जो कि इस कोरोना काल में संभव नहीं है। सरकार जल्द स्कूलों की विभिन्न एसोसिएशन की बैठक बुलाकर उनकी समस्याओं को सुनकर स्कूलों को टैक्स इत्यादि में राहत देकर एसओपी जारी रखें।

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