
धर्मशाला, स्टाफ रिपोर्ट,राजीव जसवाल
हिमाचल प्रदेश की मौजूदा जनसंख्या की लिहाज़ से पढ़े-लिखे बेरोजगारों समेत रोजी रोटी के लिये दिहाड़ी मजदूरी करने वालों की संख्या में आये दिन इजाफा होता जा रहा है, हालांकि वर्तमान सरकार हो या पूर्व की सरकारें रोजगार दिलवाने के नाम पर हमेशा से सियासत करती आई हैं।
सूबे की मौजूदा सरकार को आये हुये चार साल का कार्यकाल मुकम्मल होने वाला है मगर रोजगार मुहैया करवाने के नाम पर स्थिती अभी भी ऊंट के मुंह में जीरे जैसी है। शायद सरकार इस बात से पूरी तरह से बाकिफ है कि निकट भविष्य में होने वाले भावी चुनावों में रोजगार और बेरोजगारी का मुद्दा उनके मिशन रीपिट के लक्ष्य की राह का रोड़ा बन सकता है ।
जिसको मद्देनजर रखते हुये जयराम सरकार के सिपहसलारों और भाजपा ने अपने हर प्रकोष्ठ को इसके लिये एक्टिव करने शुरू कर दिया है, इसी सिलसिले में कांगड़ा प्राथमिक कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन और भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कमल नयन शर्मा ने कहा कि भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ की ओर से हिमाचल प्रदेश में सहकारिता आंदोलन का आगाज़ किया गया है,।
जिसके तहत प्रदेशभर में युवा बेरोजगारों के लिये रोजगार के नये पदों के सृजन के साथ प्रदेशभर की महिलाओं की आर्थिकी मजबूत हो साथ ही प्रदेश का हर नागरिक आर्थिक तौर पर संपन्न मिले, उसे उसी के घर-गांव में रोजगार मिले इसके लिये सहकारिता आंदोलन की गति को बढ़ाना बेहद ज़रूरी है जिसके लिये भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ लगातार प्रयास कर रहा है।
इतना ही नहीं उनकी ओर से इसके लिये बाकायदा एक लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है कि प्रदेश की हर पंचायत में युवाओं और महिलाओं की सोसाइटियां गठित की जाएं और वो समितियां समुदायों में जाकर अपना कुनबा बढ़ाएं उनकी मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने संबंधी कामों को तरजीह दें ताकि एक तो लोगों की जरूरतें पूरी हों वहीं दूसरा हर महिला और युवा वर्ग को रोजगार भी मिले जिससे कि वो अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकें…उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की गति के लिये वो लगातार प्रय़ासरत हैं…
