हादसे में अब आरोपी की गाड़ी बेचकर पीड़ित परिवारों को मिलेगा क्लेम, सरकार ने दी सैद्धांतिक मंजूरी

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व्यूरो रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश में अब लोगों को सोच-समझकर गाड़ी चलानी होगी। अगर वाहन मालिक सड़क में चलने वाले व्यक्ति को टक्कर मारकर चोटिल करता है, तो ऐसी स्थिति में इलाज का पूरा खर्चा वाहन मालिक वहन करना होगा। व्यक्ति की मौत होने पर बीमा पॉलिसी में तीसरा पक्ष जोखिम (थर्ड पार्टी रिस्क) कवर न होने पर पुलिस वाहन को बेचकर पीड़ित परिवार को मुआवजा देगी।

प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2021 के तहत सड़क दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में अंकित नियम 215 से 235 के संशोधित प्रारूप को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।

अब जल्द इसे लागू कर दिया जाएगा। नियमों में संशोधन होने से प्रार्थी के हितों की सुरक्षा का उचित प्रावधान होगा। दुर्घटना में मृत्यु, शारीरिक चोट या संपत्ति को नुकसान होने पर मोटर वाहन नहीं छोड़ा जाएगा। दुर्घटना में एक से अधिक वाहन शामिल होने की स्थिति में सभी वाहनों को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर दावा राशि का भुगतान किया जाएगा।

दावा पक्ष यदि गवाहों को बुलाने का खर्च वहन करने में असमर्थ है तो उस स्थिति में खर्च सरकार वहन करेगी। विकलांगता दावों पर न्यायाधिकरण द्वारा चिकित्सा बोर्ड गठित कर रिपोर्ट 15 दिन में देने का प्रावधान है।

 

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