
बिलासपुर, सुभाष चंदेल
कोरोना काल में अपने माता पिता को गंवाने वाले बच्चों के लिए मदद का हाथ बढ़ाते हुए जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मदद करने की बात कही तो साथ ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इन अनाथ हुए बच्चों को 3500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने की बात कही थी जिसमें केंद्र सरकार 2000 रुपए तो प्रदेश सरकार 1500 रुपए प्रदान करेगी. वहीं अब बिलासपुर की मन्नत को इस योजना में शामिल किये जाने की मांग भी उठने लगी है.
जी हां बिलासपुर जिला के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाड़ी गांव के रहने वाले अमन जो कि एक निजी कंपनी में काम करते थे उन्होंने कुछ महीने पहले मन्नत को गोद लिया था जिसके बाद वह कोरोना पॉजिटिव हो गए और जब उनकी ज्यादा तबियत खराब हुई तो उन्हें मंडी स्थित नेरचौक अस्पताल में भर्ती किया गया जहां 18 मई को उनकी मौत हो गयी थी.
वहीं अमन की मौत से उनकी पत्नी बेसुध है और घर में बुजुर्ग सास व एक बेटा व गोद ली हुई मासूम बच्ची मन्नत है. वहीं पूरे परिवार अमन ही एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति था जिसकी मौत के बाद परिवार की हालत खराब है. वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने परिवार की दयनीय हालत के प्रति चिंता करते हुए मासूम बच्ची मन्नत केंद्र सरकार की पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रन योजना में शामिल करने की मांग की है ताकि इस मासूम बच्ची को भुखमरी के हालतों से ना गुजरना पड़े.
वहीं पडयालग पंचायत प्रधान राजेश कुमार ने भी इस मामले पर चिंता जाहिर करते हुए जहां अमन की कोरोना से हुई मौत पर दुख जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए बच्ची को इस योजना में शामिल करते हुए पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने की अपील की है.
वहीं इस मामले को लेकर घुमारवीं से विधायक व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजिंदर गर्ग ने केंद्र सरकार की केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रन योजना का लाभ इस मासूम बच्ची को मिले इसके लिए सीएम जयराम ठाकुर के समक्ष बात रखेंगे और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बच्ची को सरकार की इस योजना का पूरा लाभ मिलेगा.
