
काँगड़ा, राजीव जस्वाल
प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू के 22 दिनों के बाद सरकार का स्टेशनरी की दुकानों को सोमवार व शुक्रवार को 11 बजे तक खोलने का फरमान विद्यार्थियों तथा दुकानदारों के लिए राहत लेकर आया। जिससे शुक्रवार को छात्र छात्राओं सहित अभिभावकों को बच्चों के लियए किताबें, पैन और कापियों की खरीद करते पाया गया।
दूरदराज के लोग भी पहुंचे स्टेशनरी खरीदनें स्टेशनरी दुकानों पर स्थानीय ग्राहकों के अलावा दूरदराज इलाकों के लोग भी कापियां बगैरा खरीदने पहुंचे थे। शिक्षण संस्थान बंद होने के चलते ज्यादातर विद्यार्थियों की ऑन लाइन पढाई चल रही है। इस दौरान छात्रो को लिखने के लिए पैन तथा कापियों की कमी से जूझते पाया गया।
शुक्रवार को स्टेशनरी एवं बुक स्टॉल खुलने से छात्रो के चेहरे पर सूकून देखने को मिला। जहां बच्चों के अभिभावक प्रसन्न दिखाई दिए। वहीं दुकानदार भी काफी खुश नजर आए। कांगड़ा के कॉलेज रोड पर दो तीन स्टेशनरी की दुकानें है। इन्हीं दुकानों पर थोड़ी ग्राहकी के अलावा बाकी सड़क सुनसान नजर आई। दुकानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था। छात्र उचित दूरी बनाकर खरीददारी कर रहे थे।
क्या कहते है छात्र,अभिभावक व दुकानदार अभिभावक सुमन सिंह, भीमसैन, आंचल, दुकानदार नितिन अग्रवाल, विनय गुप्ता आनंद ने बताया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा स्टेशनरी की दुकाने खोलने का फैसला सराहनीय है।
दुकानें खुलने से विद्यार्थियो को जहां राहत मिली स्टेशनरी का सामान न मिल पाने से परेशानी हो रही थी अब यह परेशानी दूर हो गई है। दुकानें खुलने से अभिभावकों को भी राहत मिली है। कोई भी स्टेशनरी का सामान खत्म होने पर अब आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
