
भटियात, भूषण गुरुंग
भटियात विधानसभा की ककीरा कस्बा के गांव समलाहर की रहने वाली समाजसेवी चम्पा देवी बीमारी के चलते नहीं रही। ककीरा से समलाहर गांव का पक्का रास्ता बनवाने में इनका बहुत बड़ा योगदान है। समाजसेवा की इतनी ललक आज के ज़माने में दुर्लभः ही देखने को मिलती है।
मंत्री, संतरी, प्रसाशन तो छोड़िए जब ज़रूरत पड़े और किसी काम की इजाज़त दिल्ली स्थित सेना के हैड क्वार्टर से भी लानी पड़े तो चम्पा देवी दिल्ली जाने के लिए भी नहीं हिचकिचाती थी, कभी गांव में किसी को ज़रूरत हो तो ठंड में शिमला भी पहुंच जाती थीं। गांव तक सड़क पहुंचाने से लेकर, महिला मंडल लाना और गांव में पानी की उचित व्यवस्था करने के साथ साथ कई अन्य काम करवाने में उनका योगदान रहा।
इसी के चलते सन 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपई ने इनके समाजसेवा के प्रति इतनी निष्ठा को देखते हुए प्रोत्साहन पत्र गांव समलाहर में चम्पा देवी के नाम भेजा। ऐसी महान हस्ती का जाना निश्चय की समाज के लिए बहुत बड़ी क्षति है जिन्हें समाजसेवा के बदले न तो वोट चाहिए थे और न ही पैसा, लक्ष्य था तो बस लोगों की सेवा करना।।
