
टांडा, राजीव
पता नहीं कब ऊपर वाला उठा ले उससे पहले जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे मरीजों के लिए कुछ कर ही लिया जाए ऐसा जज्बा लेकर यह पति पत्नी सुबह उठकर टांडा मेडिकल कॉलेज के कोविड पेशेंट के लिए ब्रेकफास्ट बनाना शुरू करते हैं इनके दोनों बेटे भी इस लंगर में अपना योगदान देते हैं ताकि ऊपर जाते समय दिल को तस्सली रहे कि कुछ कर के जा रहे हैं।
दस किलो आटा गूंथकर चपातियां सब्जी स्नैक्स त्यार करते हैं।ताज़ा खाना और पानी की बॉटल के क्रेट गाड़ी में भरकर चल देते हैं मरीजों की सेवा करने। विनय बताते हैं कि साफ पानी की मरीजों को किल्लत रहती है उसी को देखकर बॉटल के क्रेट लेकर जाते हैं।
उनके साथ धीरे धीरे लोग, रोटरी क्लब कांगड़ा ओर अन्य समाजिक संस्थाएं जुड़ना शुरू हो गई हैं।कोई फल दे जाता है तो कोई सब्जियां।नगद पैसे नहीं लेते क्योंकि कांगड़ा के अमीर लोगों में शामिल कमल बुक स्टोर के मालिक विनय गुप्ता किसी कॉन्ट्रोवर्सी में नहीं फंसना चाहते।लॉक डाउन में उनका स्टोर बंद है तो क्या करते ? यहीं से समाज सेवा की ओर उन्होंने कदम बढ़ा दिए।
मैं ओर विनय क्लास मेट हैं। यह इंजीनियरिंग करके अपने बिज़नेस में चले गए।इनकी प्रिंटिंग प्रेस की वर्कर भी इस नेक काम मे इनका हाथ बंटा रही हैं।पता नहीं अब तक कितनी दुआएं इन्हें मरीजों की मिल चुकी हैं और मिलती रहेगी।लेकिन इन्होंने एक मिसाल जरूर पेश की है जिससे प्रेरित होकर ओर भी लोग समाजसेवा से जुड़ेंगे।विनय ओर उनके पूरे परिवार और वर्कर को सलूट जय हिंद.
