हिमखबर डेस्क
अगर आप हिमाचल प्रदेश में नया ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) बनवाना चाहते हैं तो अब अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। घर बैठे आवेदन करने से लेकर स्लॉट बुकिंग और आवेदन की स्थिति देखने तक की सुविधा सारथी परिवहन (Sarathi Parivahan) पोर्टल पर उपलब्ध है।
इसके बाद निर्धारित तिथि पर ड्राइविंग टेस्ट पास करने पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है। यदि आप पहली बार लाइसेंस बनवा रहे हैं या पुराने लाइसेंस से जुड़ी जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए पूरी गाइड साबित होगी।
सबसे पहले बनवाना होगा Learner Licence
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (Permanent Driving Licence) बनवाने से पहले Learner Licence बनवाना जरूरी है।
Learner Licence के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु वाहन की श्रेणी के अनुसार निर्धारित होती है।
- बिना गियर वाले दोपहिया वाहन के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष (अभिभावक की सहमति सहित)
- बाइक और कार के लिए 18 वर्ष
- ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए निर्धारित अतिरिक्त शर्तें लागू होती हैं।
हिमाचल में Driving Licence बनवाने की पूरी प्रक्रिया
Step 1
सारथी परिवहन पोर्टल पर जाएं।
Step 2
State में Himachal Pradesh चुनें।
Step 3
Apply for Learner Licence या Apply for Driving Licence विकल्प चुनें।
Step 4
आवेदन फॉर्म भरें।
Step 5
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
Step 6
ऑनलाइन फीस जमा करें।
Step 7
ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करें।
Step 8
निर्धारित दिन RTO/RLA कार्यालय में ड्राइविंग टेस्ट दें।
Step 9
टेस्ट पास होने के बाद आपका Driving Licence जारी कर दिया जाएगा।
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है—
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- वैध Learner Licence
- पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर
- मेडिकल सर्टिफिकेट (कुछ श्रेणियों में)
- ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए CMV Form-5 (यदि लागू हो)।
Driving Test कैसे होता है?
ड्राइविंग टेस्ट में उम्मीदवार की वाहन चलाने की क्षमता जांची जाती है।
इस दौरान अधिकारी यह देखते हैं—
- वाहन नियंत्रण
- ट्रैफिक नियमों की जानकारी
- पार्किंग
- बैलेंस
- सड़क सुरक्षा नियमों का पालन
टेस्ट पास होने पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
हिमाचल में अब टेस्ट हुआ और आसान
हिमाचल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। ऊना जिले में राज्य का पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी शुरू किया गया है, जहां सेंसर आधारित निष्पक्ष ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।
आवेदन करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- सभी दस्तावेज स्पष्ट अपलोड करें।
- आवेदन में नाम और जन्मतिथि आधार के अनुसार भरें।
- टेस्ट वाले दिन समय से पहले पहुंचें।
- वाहन के सभी दस्तावेज साथ रखें।
- ट्रैफिक नियमों की जानकारी पहले से तैयार रखें।

