हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला अस्पताल में महिला की मौत के मामले ने एक बार फिर से तूल पकड़ा है. कुल्लू के ढालपुर मैदान में बुधवार को फिर से बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है.
क्षेत्रीय अस्पताल के आसपास 100 मीटर के दायरे में धारा-163 लागू की गई है और 5 से ज्यादा लोगो के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है.
प्रशासन ने कुल्लू अस्पताल के बाहर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी है. उधर, बंटी सराजी और संजय चौहान के सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड कर दिए गए हैं.
डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल में कानून-व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा तथा अस्पताल की सुचारु कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किए.
अस्पताल में महिला की जान गवाने के मामले में ग्रामीणों की ओर से आठ जुलाई को धरना-प्रदर्शन करने की सूचना है.
डीसी ने एसडीएम कुल्लू को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया है. डीसी ने मंजू शर्मा के पिता को ढालपुर मैदान में साउंड सिस्टम लगाने की अनुमति दी है.
जानकारी के अनुसार, बंटी सराजी और संजय चौहान ने 8 जुलाई को 11 बजे ढालपुर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.
इस दौरान प्रसूता मंजू शर्मा कांड की निष्पक्ष जांच, दोषी डॉक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई तथा आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस लेने की मांग की जाएगा.
क्यों किया ऐलान
दरअसल, कुल्लू पुलिस ने डॉक्टरों की शिकायत पर बंटी सराजी औऱ संजय चौहान पर केस दर्ज किया था. हालांकि, परिजनों ने डॉक्टर और नर्सों के खिलाफ शिकायत दी थी. उसपर कोई केस दर्ज नहीं किया गया है. इसी के विरोध में आज प्रदर्शन का ऐलान किया गया है.
गौर रहे कि 21 जून को मंडी के बालीचौकी की महिला मंजू की डिलीवरी के बाद मौत हो गई थी. उन्होंने बेटी को जन्म दिया था.
मामले में डॉक्टर अनु और दो नर्सों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं और तीनों को सस्पेंड किया गया है. अब इन पर केस दर्ज करने की मांग की जा रही है.

