हिमखबर डेस्क
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर देशभर में अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की गई। हिमाचल प्रदेश राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर सिरमौर जिले के सभी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।
हड़ताल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन संभागीय आयुक्त, जिलाधीश, एसडीएम एवं तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में सरकार का ध्यान दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही भारी छूट जैसी गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया।
केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स ने मांग की कि GSR 817(E) और GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी के लिए किया जा रहा है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और बिना उचित सत्यापन के उनकी ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्ट्स ने फ्रंटलाइन हेल्थ सपोर्ट प्रदाताओं के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, बावजूद इसके अवैध ऑनलाइन गतिविधियों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
केमिस्ट समुदाय ने केंद्र सरकार से मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और लाखों छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट्स के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सिरमौर जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक एवं आपातकालीन दवाएं उपलब्ध कराकर मानवीय दायित्व का भी निर्वहन किया। हड़ताल जिलेभर में शांतिपूर्ण रही और इसे व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।

