हिमखबर डेस्क
शादियों में हिमाचल पुलिस बैंड बजाएगी। फर्क सिर्फ इतना होगा कि इन शादियों में पुलिस लाठी नहीं बल्कि ट्रॉम्बोन चलाएंगी। शादी समारोह में बजने वाले बैंड-बाजों में नया सरकारी पुलिस टच आया है।
हिमाचल की पुलिस बैंड की एंट्री ने हिमाचली शादियों का अंदाज भी बदल दिया है। अब बाराती ब्रास बैंड जुन्गा और सकोह की धुनों पर नाचेंगे।
अनुशासन, सटीकता और उत्कृष्ट संगीत की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बताए जा रहे ये जवान, जिनकी धुन पर पहले सिर्फ वीआईपी और पुलिस अफसर तालियां बजाते थे, अब बारातियों को नचाएंगे।
मजेदार बात यह है कि इनकी प्रस्तुति इतनी सटीक है कि शादी में भी ट्रैफिक नियम लागू हो जाते हैं। राज्य पुलिस का ब्रास बैंड अब सिर्फ वीआईपी कार्यक्रमों या सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा।
अब ये बैंड शादियों में भी अपनी धुनों के साथ मौजूद रहेगा। फर्क बस इतना है कि इन शादियों में पुलिस लाठी नहीं बल्कि ट्रॉम्बोन और अन्य वाद्ययंत्रों की तान बजेगी।
जुन्गा और सकोह पुलिस ब्रास बैंड की पेशेवर प्रस्तुति और अनुशासित अंदाज के कारण अब इन्हें प्रीमियम वेडिंग बैंड के रूप में देखा जाने लगा है।
बारातों में फिल्मी धुनों से लेकर पारंपरिक गीतों तक, इनकी प्रस्तुति लोगों को झूमने पर मजबूर कर देती है। विशेष बात यह भी है कि इन बैंड की प्रस्तुति में पुलिस का अनुशासन साफ झलकता है।
एक दिन का 25,000 चार्ज
हिमाचल पुलिस की दो ब्रास बैंड हैं। ब्रास बैंड जुन्गा और ब्रास बैंड सकोह एक 25,000 चार्ज कर रहे हैं। समारोह में कमाई गई राशि विभाग के खाते में जाती है। ब्रास बैंड के इंचार्ज विलेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल पुलिस दो बैंड हैं। यह बैंड 1952 में बने हैं।
इन नंबरों पर घुमाएं फोन
बारातियों को अगर पुलिस के पहरे में नचाना है तो ब्रास बैंड, जुंगा से 8219239603 और ब्रास बैंड, सकोह से 8894615700 पर संपर्क कर सकते हैं।

