हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में चल रहे सूखे दौर के बाद मौसम के बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 मार्च तक राज्य में मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके बाद सक्रिय होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से 7 मार्च से 10 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
खासकर 7, 8 और 9 मार्च को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं, जबकि 10 मार्च को मैदानी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।
प्रदेश में इस बार विंटर सीजन बेहद सूखा रहा है। फरवरी महीना लगभग बिना बारिश के गुजर गया और मार्च के शुरुआती दिनों में भी बादल नहीं बरसे।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के मुताबिक इस सर्दी में राज्य में 1901 से अब तक की अवधि में 22वीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे विंटर सीजन में केवल 103.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम है।
रिकॉर्ड के अनुसार सर्दियों में सबसे कम बारिश वर्ष 1902 में 33.6 मिलीमीटर और सबसे अधिक 1954 में 468.3 मिलीमीटर हुई थी।
फिलहाल प्रदेश में मौसम साफ है और तेज धूप खिलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मैदानी इलाकों में हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है।
न्यूनतम तापमान भी सामान्य से औसतन 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पहाड़ी राजधानी शिमला की रातें इन दिनों कई मैदानी शहरों से ज्यादा गर्म बनी हुई हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि जनवरी के दूसरे पखवाड़े में राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद फरवरी के पहले सप्ताह को छोड़कर मौसम लगभग सूखा ही रहा।
फरवरी 2026 में सामान्य 101.8 मिलीमीटर वर्षा के मुकाबले केवल 15.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो करीब 85 प्रतिशत की भारी कमी दर्शाती है। हालांकि जनवरी में स्थिति बेहतर रही थी, जब सामान्य 85.3 मिलीमीटर के मुकाबले 88.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

