शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल में सुक्खू सरकार वाहन मालिकों को अब बहुत बड़ी सुविधा देने जा रही हैं। प्रदेश में वाहन मालिकों को गाड़ियों की पासिंग करवाने के लिए एमवीआई से डेट लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अब सरकार प्रदेश के छह जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर की सुविधा देने जा रही है।
जहां पर अब वाहनों की पासिंग के लिए डेट लेने का झंझट खत्म हो होने जा रहा है। वाहन मालिक अपनी सुविधा के मुताबिक अब हर दिन गाड़ियों की पासिंग करा सकेंगे। इन ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर में गाड़ियों की पासिंग होने से मानवीय त्रुटियों की आशंका भी दूर होगी और वाहनों की पासिंग में लोगों का समय भी बर्बाद होने से बचेगा।
इन जिलों में खुलेंगे ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर
हिमाचल के छह जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्र खोले जा रहे हैं, जिसमें दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर सरकारी क्षेत्र में होंगे और चार ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर प्राइवेट सेक्टर को दिए गए हैं। सरकारी क्षेत्रों में जिला हमीरपुर और ऊना में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर खोले जाएंगे।
इसी तरह से चार जिलों बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा और सोलन जिला के नालागढ़ में प्राइवेट ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर खुलने जा रहे हैं। जहां पर पूरे महीने वाहनों की पासिंग होगी और ऑनलाइन इसकी रिपोर्ट होगी। यही नहीं यहां पर मौके पर ही वाहनों की पासिंग के लिए अनुमति मिलेगी। इन सेंटरों में मशीनों से ही वाहनों की स्थिति का पता लगाया जाएगा, जिससे वाहनों की पासिंग के समय रहने वाली त्रुटियों की आशंका भी समाप्त हो जाएगी।
अभी करना पड़ता है लंबा इंतजार
प्रदेश में अभी मैन्युअल गाड़ियों की पासिंग होती है, जिसके लिए एमवीआई से मिलने वाली तारीख का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, प्रदेश में सब डिविजन स्तर पर गाड़ियों की पासिंग के लिए एमवीआई अलग से तारीख निर्धारित करते हैं, जिसके आधार पर सब डिविजन में तय दिनों में ही गाड़ियों की पासिंग होती है, अगर किसी कारण वाहन मालिक तय दिन में गाड़ी की पासिंग नहीं करा पाते हैं तो उसे अगली तारीख का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर खुलने से वाहन मालिक अपनी सुविधा के मुताबिक कभी भी गाड़ियों की पासिंग करा सकेंगे। प्रदेश सरकार की योजना हर जिला में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर खोलने की है, जिसके बाद डिवीजन स्तर पर भी ऑटोमेटेड केंद्र खोले जा सकते हैं, जिसके लिए परिवहन विभाग ने आवेदन का ऑप्शन खुला है।
परिवहन विभाग निदेशक डीसी नेगी के बोल
परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी का कहना है कि अभी गाड़ियों की पासिंग एमवीआई करते हैं, जिसमें कई तरह की त्रुटियां रह जाती थी। इनको खत्म करने के लिए अब 6 स्थानों पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर सरकारी क्षेत्र हमीरपुर और ऊना में खोले जा रहे हैं, वहीं बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा और नालागढ़ में चार ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर निजी क्षेत्रों को दिए गए हैं।
इन ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर में पूरे महीने टेस्टिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे लोगों गाड़ी की पासिंग के लिए डेट लेने की जरूरत नहीं होगी, ऐसे में उनका पासिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गाड़ी की पासिंग के समय मानवीय त्रृटियों के रहने की आशंका भी खत्म हो जाएगी।
पूरे प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कहीं पर भी ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर में जाकर गाड़ी की पासिंग कर सके। वैसे तो हमारा प्रयास है कि सब डिविजन पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर की सुविधा दें। इसके लिए हमने लोगों से आवेदन का ऑप्शन खुला रखा है।

