हाथों में टॉर्च और सामने आफत…कांगड़ा से भरमौर जा रही बारात बीच रास्ते में फंसी, लग्न में हो रही थी देरी तो दूल्हे ने उठाया ‘रिस्क’

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भूस्खलन से चंबा-भरमौर मार्ग 8 घंटे बाधित रहा, बारातियों ने रिस्क लेकर भूस्खलन पार किया, सुबह 4:30 बजे छोटे वाहनों के लिए मार्ग बहाल हुआ।

चम्बा – भूषण गुरुंग

हिमाचल प्रदेस के चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सरेंई गांव के पास देर रात भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग करीब 8 घंटे तक बाधित रहा। इस कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण कांगड़ा से चंबा के भरमौर जा रही एक बारात को भी घंटों इंतजार करना पड़ा।

सूचना मिलते ही स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान, पटवारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीन से रास्ता बहाल करने की कोशिश की, लेकिन घर वालों ने आपत्ति जताई और काम रुकवा दिया।बारातियों की चिंता बढ़ने लगी, क्योंकि लग्न का समय सुबह 3:00 बजे का था।

काफी देर इंतजार के बाद रात करीब 12:00 बजे दूल्हे को भूस्खलन की जगह से दूसरी तरफ पहुंचाया गया और गाड़ियों से आगे भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित घर वालों को समझा-बुझाकर रास्ता बहाल करने का काम शुरू किया। सुबह करीब 4:30 बजे छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोल दिया गया।

दरअसल, कांगड़ा से आई बारात के एक बाराती ने बताया कि भूस्खलन के कारण उनकी बारात रुकी हुई है। उन्होंने कहा कि सुबह 3:00 बजे शादी का लग्न है, लेकिन अगर समय पर नहीं पहुंचे तो लग्न का समय निकल जाएगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जल्द से जल्द मार्ग को बहाल किया जाए ताकि समय पर शादी हो सके। इस दौरान बाराती और दूल्हे ने रिस्क लेकर लैंडस्लाइड वाले रास्ते को पार किया और फिर दुल्हन के घर पहुंचे।

स्थानीय प्रधान और पटवारी के बोल

स्थानीय प्रधान दीपक और पटवारी जोगिंद्र सिंह ने बताया कि रात करीब 9:00 बजे चंबा-भरमौर मार्ग पर सरेंई के पास भूस्खलन की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर देखा कि एक घर पर भूस्खलन का मलबा गिरा था, जिससे घर को काफी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई। जेसीबी मशीन से रास्ता बहाल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पीड़ित घर वाले आपत्ति जता रहे हैं। जल्द ही मार्ग को खोल दिया जाएगा।

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