Delhi Election : केजरीवाल को लग सकता है झटका, एग्जिट पोल्स भाजपा के पक्ष में

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7-2 के बहुमत से 26 साल बाद भाजपा की सरकार बनने के दावे

दिल्ली – नवीन चौहान

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर बुधवार को मतदान पूरा होने के बाद आए एग्जिट पोल्स 7-2 के बहुमत से दिल्ली में तख्तापलट की ओर इशारा कर रहे हैं। सात एग्जिट पोल्स के अनुसार भाजपा 26 साल बाद देश की राजधानी की सत्ता में लौटती दिख रही है, जबकि दो एग्जिट पोल्स आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल के चौथी बार सत्ता में लौटने की बात कहा रहे हैं।

मैट्रिज के सर्वे के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, लेकिन इसमें भाजपा को मामूली बढ़त देखने को मिल रही है। इन आंकड़ों के मुताबिक, आप को 32-37 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि भाजपा 35-40 सीटों के साथ दिल्ली में सरकार बनाती दिख रही है। वहीं कांग्रेस को भी एक सीट मिलती दिख रही है।

इसी तरह चाणक्य स्ट्रैटजी के एग्जिट पोल में भी भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। इस सर्वे के अनुसार, दिल्ली में आप को 25-28 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा 39-44 सीटें जीतती दिख रही है। कांग्रेस को 2-3 सीटें जीत सकती हैं। पोल डायरी के एग्जिट पोल में भी दिल्ली में बदलाव होता दिख रहा है और भाजपा बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है। इस पोल के मुताबिक, आप 18-25 सीटें हासिल कर सकती है, जबकि भाजपा को 42-50 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, कांग्रेस को 0-2 सीटें मिल सकती हैं।

जेवीसी पोल के अनुसार, भाजपा को 39-45 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि आप 22-31 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रह सकती है। दिल्ली की राजनीति में कभी प्रमुख ताकत रही कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। हलांकि माइंड ब्रिंक और वी प्रसाइड के सर्वे इनसे उल्ट ही परिणाम दिख रहे हैं। ये दोनों सर्वे स्पष्ट बहुमत के साथ दिल्ली में आप की सरकार बना रहे हैं।

जहां अधिकांश सर्वे ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त दी है और आम आदमी पार्टी (आप) दूसरे स्थान पर है, वहीं कांग्रेस पुनर्जीवित होने में विफल हो रही है और अनुमान है कि वह दो सीटों से कम पर सिमट जाएगी।हालांकि असली रिजल्ट तो आठ फरवरी को आएगा, लेकिन उससे पहले रुझानों को जरूर समझा जा सकता है।

हालांकि एग्जिट पोल की भविष्यवाणियों पर आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि सभी सर्वे हमारे खिलाफ हैं। अगर आप इसे ऐतिहासिक रूप से देखें, तो सर्वे में आप सत्ता में नहीं आती है, लेकिन अंतत: सरकार बनाती है। हम मतदान प्रतिशत से उत्साहित हैं, जो 2015 के 67 फीसदी के करीब है।

आप की ताकत भांपने में असफल रहे हैं एग्जिट पोल

पिछले तीन चुनावों पर नजर दौड़ाएं, तो एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी (आप) की असली ताकत को सही तरीके से भांपने में असफल रहे। 2013 के चुनाव में जहां एग्जिट पोल्स ने त्रिशंकु विधानसभा का सही अनुमान लगाया था, तो वहीं 2015 और 2020 के चुनावों में आप की भारी जीत का सही अनुमान लगाने में चूक गए थे।

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