अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री का खुलासा।
हिमखबर डेस्क
धर्मशाला बस अड्डे के कांट्रैक्टर को बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण ने तलब कर लिया है। इस अड्डे के संचालक के साथ निगम का विवाद है और इसी विवाद को लेकर प्राधिकरण ने कांट्रैक्टर को बुलाया है, ताकि उसके साथ पूरी बात साफ हो जाए।
बताया जा रहा है कि धर्मशाला बस अड्डे का कांट्रैक्टर, जिसे अड्डे के निर्माण का जिम्मा दिया गया है, वह वहां पर कंस्ट्रक्शन नहीं कर रहा है, जबकि वहां पर आने वाली बसों से पैसे की वसूली उसके द्वारा की जा रही है।
सरकारी जमीन पर बसों से पैसे की वसूली हो रही है, मगर उसके खिलाफ अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। ऐसे में बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कहा है कि कांट्रैक्टर को अगली बीओडी बैठक में बुलाया जाए।
खुद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने इसका खुलासा किया है। शुक्रवार को शिमला में बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश में निर्माणाधीन बस अड्डों को लेकर चर्चा की गई, जिसमें धर्मशाला के बस अड्डे का मामला छाया रहा।
इसको लेकर खासा विवाद है, लिहाजा इसके कांट्रैक्टर को बुलाए जाने को कहा गया है। एचआरटीसी के एमडी ही प्राधिकरण के सदस्य सचिव हैं, जिनको निर्देश दिए गए हैं कि वह कांट्रैक्टर को अगली बीओडी में बुलाएं और उनसे वहां पर जवाब तलबी की जाए।
उनसे पूछा जाएगा कि आखिर व कब तक निर्माण कार्य शुरू करेंगे और कब तक यह पूरा हो पाएगा। इससे पहले बसों से पैसों की वसूली वह कैसे कर रहे हैं। उससे पूछा जाएगा कि वह बस अड्डे का निर्माण करना भी चाहता है, या नहीं।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री का कहना है कि बिना बस अड्डे के निर्माण के वहां पर बसों से पैसों की वसूली कैसे की जा सकती है। बिना कुछ निर्माण किए ही कांट्रैक्टर को इनकम हो रही है, लिहाजा उसे कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश हुए हैं।

