शिमला
हिमाचल प्रदेश में बागी कांग्रेस नेता चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और हमीरपुर सदर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा पर राज्यसभा चुनाव में पैसे लेकर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे हैं। वहीं, अब हिमाचल पुलिस ने सोलन जिले के एक होटल में दबिश दी है।
सूत्रों के हवाले से यह बड़ी खबर है। शिमला पुलिस ने देर रात सोलन के एक होटल में दबिश दी है और इस दौरान विधायकों से संबंधित कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। कांग्रेस के बागी और निर्दलीय विधायकों के होटल बिल को लेकर अहम दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ समय के लिए इस होटल में विधायक और कांग्रेस के बागी रुके थे। उधर, बागी छह कांग्रेस नेताओं की विधायकी को निरस्त करने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हुई और अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 18 मार्च को सुनवाई करेगा।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों के वकील से पूछा कि आप पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। इस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया बिना हमारा पक्ष सुने फैसला ले लिया गया। बागी विधायकों के वकील सत्यपाल जैन ने अदालत को बताया कि ये ऐसा दुर्लभ मामला है, जिसमे महज 18 घंटे के भीतर विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
क्या बोले मंत्री धर्माणी
उधर, सियासी उठापटक और FIR पर कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि भाजपा हिमाचल में भी यूपी और बिहार की संस्कृति को लाना चाहती है। जो गलत करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। हिमाचल में धनबल, दबाव और प्रलोभन की राजनीति नहीं चलेगी। कांग्रेस सरकार पांच साल चलेगी और भाजपा के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।
क्या है मामला
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। उनके साथ तीन अन्य निर्दलीयों ने भी भाजपा को वोट डाला था। ऐसे में शिमला पुलिस ने चुनाव में पैसे लेकर वोट डालने के आरोप में पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा पर केस दर्ज किया है।

