लोकसभा चुनाव : सबसे बड़ी जीत वाले किले में भाजपा को सांसद की तलाश, यह हैं प्रमुख दावेदार

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राजीव भारद्वाज, त्रिलोक कपूर और राकेश पठानिया प्रमुख दावेदार, कर्मचारी नेता घनश्याम शर्मा, विशाल नैहरिया, विशाल चौहान भी मांग रहे टिकट

शिमला – रजनीश ठाकुर

पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए कांगड़ा सीट नए रिकार्ड बनाने वाली साबित हुई थी। सबसे ज्यादा 10,06,989 वोट यहां पड़े और भाजपा प्रत्याशी किशन कपूर को भी सबसे ज्यादा 7,25,218 वोट मिले। जीत का अंतर भी यहां 4,77,623 वोट का रहा, जो चारों सीटों में सबसे ज्यादा था।

इसके बावजूद वर्तमान सांसद के विकल्प की तलाश भाजपा को है। किशन कपूर कैबिनेट मंत्री का पद छोडक़र लोकसभा का चुनाव लडऩे गए थे। जीत गए तो मंत्री पद गया और उपचुनाव में पार्टी ने प्रत्याशी विशाल नैहरिया को बनाया। इसके बाद से सांसद के साथ दूरियां दिखने लगी और फिर स्वास्थ्य कारणों से भी कुछ वक्त किशन कपूर फील्ड से दूर रहे।

अब उनके विकल्प के तौर पर केसीसी बैंक के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव भारद्वाज, भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर और पूर्व मंत्री राकेश पठानिया को देखा जा रहा है। कर्मचारी नेता रहे घनश्याम शर्मा ने भी दावेदारी ठोकी है। युवा नेताओं विशाल नैहरिया और विशाल चौहान ने भी चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है।

राज्यसभा चुनाव में यदि हर्ष महाजन ने कुछ कमाल दिखाया, तो वह भी लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। इतनी दावेदारी के बावजूद कांगड़ा भाजपा अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के संकेतों को पढ़ रही है। हाल ही के अपने कांगड़ा दौरे के दौरान उन्होंने भाजपा विधायकों को कहा था कि कोई भी चुनाव क्षेत्र को अपनी पुश्तैनी जमीन न समझे। आपसे पहले भी विधायक थे और आपके बाद भी होंगे। पार्टी यह मंथन कर रही है कि कांगड़ा सीट पर ब्राह्मण, गद्दी या राजपूत कैंडिडेट में से कौन उपयुक्त होगा?

कांगड़ा सीट पर पिछले दो चुनाव

(लोकसभा चुनाव 2014)
चुनाव में कुल वोट पड़े 7,99,445
शांता कुमार-भाजपा 4,56,163
चंद्र कुमार-कांग्रेस 2,86,091
भाजपा की जीत का अंतर 1,70,072

(लोकसभा चुनाव 2019)

चुनाव में कुल वोट पड़े 10,06,989
किशन कपूर-भाजपा 7,25,218
पवन काजल-कांग्रेस 2,47,595
भाजपा की जीत का अंतर 4,77,623

पिछली बार के कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल अब भाजपा में विधायक

2019 में कांगड़ा सीट से लोकसभा का चुनाव लडऩे वाले कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल अब भाजपा के विधायक हैं। तब कांग्रेस पार्टी ने कांगड़ा में ओबीसी फॉर्मूले के आधार पर उन्हें प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह प्रचंड मोदी लहर में 4,77,623 मतों से हार गए थे।

अब पवन काजल कांगड़ा से भाजपा विधायक हैं। वह कहते हैं कि इस बार भी प्रधानमंत्री के लिए लोगों में गजब का उत्साह है और राम मंदिर ने एक और बहाना दे दिया है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी खुद ओबीसी से हैं। इसलिए यह फार्मूला कांगड़ा में काम नहीं करता।

कभी टिकट नहीं मांगा

कांगड़ा सीट से वर्तमान सांसद किशन कपूर ने कहा कि उन्होंने अपने लिए कभी टिकट नहीं मांगा। हमेशा साफ सुथरी राजनीति की है। यदि मैरिट देखी जाएगी तो टिकट मिल जाएगा। सांसद रहते हुए संसदीय क्षेत्र में पीएमजीएसवाई टू में 1080 करोड़ और फेज थ्री में 627 करोड़ मेरी रिकमेंडिशन से आए हैं। जल जीवन मिशन में 1320 करोड़ की योजनाएं हुई। आरडीएसएस में भी फेज 2 तक 186 करोड़ और 145 करोड सैंक्शन हुए हैं।

एमपी लैड के तहत 20 करोड़ खर्च कर 356 काम पूरे किए गए। फोरलेन ने अब गति पकड़ी है और कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार भी हो रहा है। सीयू के धर्मशाला कैंपस को लेकर यदि राज्य सरकार 30 करोड़ दे देती, तो यह काम भी शुरू हो जाता। सिहुंता-चुवाड़ी चंबा सडक़ पर 100 करोड़ खर्च हो रहे हैं।

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