बाप बना हैवान: बेरहमी से पत्नी पर बर्बरता की हदें पार, 3 गहरे वार से फट गए फेफड़े; बच्चों को बिलखता देख पड़ोसी भी रो पड़े

--Advertisement--

आदित्य फ्लैट के भीतर शिवानी पर बर्बरता कर रहा था, पड़ोसी शहनवाज के बेटे ने चीखों की आवाज सुनी, वह सभी वहां पहुंचे। आदित्य के बेटे ने दरवाजा खोला, भीतर देखा कि शिवानी खून से लथपथ बेदम पड़ी हैं। आदित्य ने हाथों उसका गला जकड़ रखा है। बेटा-बेटी उसके पैरों में पड़कर मां की जान बख्शने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।

व्यूरो रिपोर्ट

लखनऊ के महानगर स्थित अलाया अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में शनिवार रात बच्चों के सामने युवक ने चाकू से गोदकर पत्नी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बालकनी से कूदकर भाग निकला, लेकिन कूदने पर उसे चोट लग गई, जिससे वह अस्पताल में भर्ती हो गया। वहां पुलिस उस पर नजर रखे है।

बताया जा रहा है कि पत्नी से मामूली झगड़ा होने पर उसने यह नृशंसता की। अलाया अपार्टमेंट निवासी शिवानी कपूर (43) महानगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप मेमोरियल पब्लिक स्कूल में कॉमर्स की टीचर थीं। वह अपने 14 वर्षीय बेटे शोहम व 13 साल की बेटी पहल के साथ रहती थीं। आपसी विवाद की वजह से पति आदित्य कुछ महीनों से अलग रह रहा था।

वह कभी कभार आता-जाता रहता था। शनिवार रात करीब सवा 11 बजे वह पत्नी के फ्लैट पर पहुंचा। दरवाजा न खोलने पर गाली गलौज करने लगा। इस पर शिवानी ने दरवाजा खोला तो वह उन्हें बुरी तरह से पीटने लगा। आदित्य फ्लैट के भीतर शिवानी पर बर्बरता कर रहा था, पड़ोसी शहनवाज के बेटे ने चीखों की आवाज सुनी, वह सभी वहां पहुंचे। आदित्य के बेटे ने दरवाजा खोला, भीतर देखा कि शिवानी खून से लथपथ बेदम पड़ी हैं। आदित्य ने हाथों उसका गला जकड़ रखा है। बेटा-बेटी उसके पैरों में पड़कर मां की जान बख्शने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।

आदित्य का न पसीजा दिल

निर्दयी आदित्य का दिल नहीं पसीजा। तभी गार्ड भी वहां पहुंच गया। किसी तरह से शिवाना को उसके हाथों से छुड़ाया और शिवानी को बाहर निकाला। तब आरोपी वहां से भागा।आदित्य की निर्दयता की करतूत जब पड़ोसी शहनवाज ने बयां तो वह उस वह बेहद गुस्से में दिखे।

उन्होंने बताया कि शिवानी खुद नौकरी करती थीं। वह बहुत ही शालीन थीं। कभी किसी से उनका कोई वाद-विवाद हुआ ही नहीं। लेकिन, आदित्य आएदिन कुछ न कुछ बवाल करने पहुंच जाता था।

जब शिवानी को फ्लैट से बाहर निकाला तो वह पूरी तरह से बेजान से हो चुकी थीं। कुछ ही देर में आंखें भी बंद हो गई थीं। किसी तरह से उनको चादर में डालकर नीचे ले गए। फिर कार से अस्पताल पहुंचाया। फ्लैट से लेकर सीढि़यों तक बस खून ही खून था।

दहशत में बच्चे, मां की हत्या का लगा सदमा

आदित्य ने बच्चों के सामने वारदात को अंजाम दिया। उसकी बर्बर करतूत दोनों बच्चों शोहम व पहल के दिल और दिमाग में कैद हो गए। शहनवाज ने बताया कि दोनों बच्चे कांप रहे थे। चीख चीख कर रो रहे थे। ये भी कहा कि वह रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तब भी मां को वह चाकू मारते रहे। ये सुनकर शहनवाज व उनकी पत्नी भी रो पड़ीं।

कुछ देर पहले भाई वहां से निकला था

परिजनों के मुताबिक, शिवानी का भाई पुनीत उससे मिलने गया था। रात करीब नौ बजे वह पहुंचा था। तकरीबन पौन घंटे तक वह वहीं पर रहा। फिर वह अपने घर चला गया था। पुनीत के जाने करीब सवा घंटे बाद आदित्य फ्लैट पर पहुंचा था।

बच्चों को बिलखता देख पड़ोसी भी रो पड़े

आदित्य ने बच्चों के सामने वारदात को अंजाम दिया। उसकी बर्बर करतूत दोनों बच्चों शोहम व पहल के दिल और दिमाग में कैद हो गए। शहनवाज ने बताया कि दोनों बच्चे कांप रहे थे। चीख चीख कर रो रहे थे। ये भी कहा कि वह रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तब भी मां को वह चाकू मारते रहे। ये सुनकर शहनवाज व उनकी पत्नी भी रो पड़ीं।

चाकू के गहरे तीन वार, फट गए फेफड़े

डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पीठ पर धारदार हथियार से तीन गहरे जख्म हैं, जिससे फेफड़े फट गए। शॉक एंड हेमरेज की वजह से मौत हो गई। रविवार देर शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस की अब तक की जांच में आपसी विवाद की वजह से वारदात की आशंका है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी कराई गई।

परिवार बचाने की कोशिश में जुटी थीं शिवानी

शिवानी और आदित्य की शादी 2007 में हुई थी। शिवानी के परिजनों ने बताया कि आदित्य शराब समेत अन्य कई चीजों का नशा करने लगा था। तमाम कोशिशों के बाद भी वह नहीं सुधरा तो शिवानी ने उससे दूरी बना ली। साथ ही ये भी कहा कि जब खुद सुधर जाओगे तभी साथ में रहेंगे।

उसके मामा से कहकर दुकान पर काम पर लगाया गया, लेकिन वह नहीं सुधरा। परिजन कह रहे थे कि लंबे समय से शिवानी किसी तरह से परिवार को बचाने में जुटी थीं, लेकिन आदित्य ने उनकी जिंदगी ही खत्म कर दी।

दरवाजा बाहर से कर दिया था बंद

जब फ्लैट के भीतर से शिवानी को बाहर निकाला गया तो पड़ोसियों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया, ताकि आदित्य भाग न पाए। बाद में पुलिस के पहुंचने पर जब फ्लैट खोला गया तो पता चला कि वह बालकनी से कूदकर भाग निकला है।

पुलिस को कॉल नहीं लगी

पड़ोसी ने बताया कि घटना के बाद कई लोग लगातार पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर रहे थे लेकिन कॉल लगी ही नहीं। इसको लेकर वह बेहद आक्रोशित दिखे। जब शिवानी को अस्पताल ले जाया गया। तब वहां से पुलिस को सूचना दी गई। पड़ोसियों का कहना था कि पुलिस चौकी पर भी गए लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल में ”गैस” संकट: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद, केंद्र सरकार का बड़ा फरमान

हिमख़बर डेस्क हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN)...

UPSC AIR-79: एक हिमाचल के DC की पत्नी, दूसरी उत्तर प्रदेश में सरकारी SDM के ड्राइवर की बेटी

हिमखबर डेस्क  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा...

तिरंगे में लिपटे पिता को देख जो सजाया था सपना.. आज बेटी ने किया पूरा, अब बनीं लेफ्टिनेंट

पालमपुर - बर्फू  हिमाचल प्रदेश की मिट्टी में 'वीरता' का...