कांगड़ा और मंडी में क्रेशर बंद करके कांग्रेस एक बहुत बड़े घोटाले को दे रही अंजाम -राजेश राणु

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कांगड़ा और मंडी में क्रेशर बंद करके कांग्रेस एक बहुत बड़े घोटाले को अंजाम दे रही है। उक्त शब्द भाजपा संगठनात्मक जिला पालमपुर के जिला महामंत्री राजेश राणु ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहे।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला अपने आप में एक बहुत बड़ा जिला है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब से सरकार बनी है कांगड़ा के साथ बहुत बड़ा भेदभाव कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा विधायक कांगड़ा जिला के लोगों ने ही दिए हैं, लेकिन कांगड़ा के लोगों का दुर्भाग्य समझो कि मुख्यमंत्री सुखू कांगड़ा के विधायकों से बदला लेने के चक्कर में उनको मंत्री नहीं बना रहे हैं।

परन्तु उनको यह समझ नहीं आता है कि जिन लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया है उन लोगों की क्या गलती है। अगर इतने बड़े कांगड़ा जिले में सिर्फ एक ही मंत्री होगा तो लोग कहां अपनी फरियाद रखेंगे।

आज लोग त्राहिमाम- त्राहिमाम कर रहे हैं। जिस तरह से मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को एक तरह से कुचलने का काम किया है, कांगड़ा के क्रेशर बंद करके वह खनन माफिया को तो फायदा दिलवा सकते हैं पर यहां की जनता के ऊपर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।

एक बोलडर का टिप्पर जो 2 हजार रुपए में जनता को मिल जाता था। आज क्रेशर बंद होने के चलते वही टिप्पर ब्लैक में 15 हजार रुपए में मिल रहा है।

एक रेत का टिप्पर जो 8 हजार रुपए में लोगों को मिल जाता था। वह आज ब्लैक होने की वजह से 25 हजार रुपए में मिल रहा है और ब्लैक में देने वाले, अवैध खनन करने वाले लोग कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं।

क्या यह अपने आप में एक बहुत बड़ा घोटाला नहीं है?  जिला महामंत्री ने कहा कि क्रेशर बंद होने की वजह से पंचायतों में चल विकास कार्य भी पूरी तरह से ठप हो गए हैं, मनरेगा में काम करने वाले लोग घरों में बैठने पर मजबूर हो गए हैं।

इसके साथ-साथ कई लोगों ने जो अपने घरों का काम लगाया था वह अधूरा छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं और इसके साथ-साथ बड़ी तादाद में घरों का काम करने वाले मिस्त्री और मजदूर काम न मिलने की वजह से बेरोजगार हो गए हैं।

उन्होंने कहा की वह स्वयं जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं और हर रोज सुबह-सुबह अगर देखें तो लगभग 100 से ज्यादा ट्रैक्टर और टिप्पर अवैध खनन करके जयसिंहपुर में व्यास नदी और खड्डौं से निकल जाते हैं, न तो उनको कोई पुलिस का डर है न ही सरकार उनको कुछ कहती है।

इसका सीधा-सीधा मतलब जाता है कि वह सरकार के लोग ही हैं और मुख्यमंत्री ने उनको फायदा देने के लिए क्रेशरों को बंद किया है।

अगर ऐसा नहीं है तो मुख्यमंत्री जी क्रेशरों के साथ-साथ अवैध खनन को भी बंद करके दिखाओ, नहीं तो जिन लोगों ने आपको वोट देकर बनाया है वही लोग आपको उखाड़ फेंकने में ज्यादा देर नहीं लगाएंगे।

राणु ने कांगड़ा के कांग्रेसी विधायकों पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि क्यों सभी के सभी विधायकों ने मुंह बंद करके रखा है।

कांगड़ा के साथ इतना बड़ा भेदभाव हो रहा है और कांगड़ा के विधायक चुप्पी सादे हुए हैं, क्या उन्हें दोबारा लोगों के वोट नहीं चाहिए होंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखू जिस तरह कांगड़ा जिला के सरकारी दफ्तरों को नदौन में शिफ्ट कर रहे हैं क्या वह सिर्फ नादौन के ही मुख्यमंत्री हैं, क्या सिर्फ नदौन के लोग वोट दे देंगे और वह मुख्यमंत्री दोबारा बन जाएंगे या कांगड़ा में भी उनको अपने विधायक चाहिए।

बड़े दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस आज तक कांगड़ा में कोई बड़ा दफ्तर या टूरिज्म अब तक नहीं खोल पाई पर जो भाजपा सरकार ने खोले हैं उनको भी या तो बंद कर रही है या फिर कांगड़ा से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका बहुत बड़ा उदाहरण गोपालपुर का चिड़ियाघर है।

राजेश राणु ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द या तो कांगड़ा के क्रेशर खोलकर क्रेशर मालिकों और आम लोगों के साथ न्याय करें या फिर पूरे प्रदेश के ही क्रेशर और अवैध खनन बंद करें।

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