सरकार के एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ वायरल हुए पत्र मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस भाजपा के एक बड़ा नेता को गिरफ्तार कर सकती है।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल सरकार के एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ वायरल हुए पत्र मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस भाजपा के एक बड़ा नेता को गिरफ्तार कर सकती है। पहले से गिरफ्तार आरोपी ने रिमांड में पुलिस के सामने कई राज उगले हैं।
इसमें आरोपी ने भाजपा के बड़े नेता का नाम लिया। जांच में सामने आया है कि एक भाजपा नेता के दफ्तर में यह षडयंत्र रचा गया। सुनियोजित तरीके से इस पत्र को वायरल किया गया। भरमौर निवासी आरोपी मनोज शर्मा ने इस फर्जी पत्र का फोटो खींचा और फिर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
मामले की पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने दावा किया है कि पत्र को वायरल करने वालों की सूची तैयार कर ली है। इसके अलावा पत्र को वायरल करने में एक बड़े नेता का नाम सामने आ रहा है। हालांकि पुलिस इस पर ज्यादा कुछ नहीं बता रही है।
पुलिस ने तीन लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है, जबकि मनोज कुमार तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में दो लोगों ने बताया है कि उनके पास यह पत्र फॉरवर्ड होकर आया था तो कुछ ने इसे फेसबुक पर देखा और इसे शेयर कर दिया। पुलिस का दावा है कि इस पत्र को लिखने वाले को जल्द बेनकाब किया जाएगा।
शिमला पुलिस अधीक्षक के बोल
पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। व्टाट्सएप के माध्यम से इस पत्र को वायरल करने वाले भी पुलिस के रडार पर हैं। पत्र सबसे पहले किस ग्रुप पर आया, किसे इसने भेजा था, आगामी जांच में इसका खुलासा होगा। जांच में सामने आया है कि इस पत्र को नेताओं से लेकर अधिकारियों को भेजा गया। सोशल मीडिया पर यह पत्र वायरल हुआ है। इसके बाद इसकी जांच बैठाई गई।

