मेहनत से बनाया आशियाना, टूटते ही निकले विधवा के आखों से आंसू

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चुराह/चम्बा – धर्म नेगी 

उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत चांजू के शुक्राह गांव की पानो विधवा प्रेम लाल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उसने अपनी आंखो के सामने अपने घर को टूटते हुए देखा । पानो देवी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

आपको बता दे कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण इनके घर के नीचे भूस्खलन होने से शुक्राह गांव के तीन घरों में दरारें पड़ गई थी। जिससे पानो देवी के घर को खाली कर दिया गया था और उन्होंने प्रशासन से घरों को बचाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की थी।

जिसके बाद ग्राम पंचायत प्रधान चान्जू टेकू देवी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घर के नीचे क्रेट लगाने का कार्य भी शुरू करवाया गया था । लेकिन लगातार हो रही बारिश से कार्य पूरा नही हो पा रहा था । जब सुबह अपने रिशेदारों के घर में शरण लिए पानो देवी अपने घर गई तो उसके पैरो तले जमीन खिसक गई।

घर में बहुत बड़ी बड़ी दरारें पड़ चुकी थी घर किसी भी वक्त गिर सकता था । उन्होंने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को फोन करके बुलाया और सभी ने घर के हालत देख कर निर्णय लिया कि जो भी लकड़ी घर में लगी है अगर घर गिर जायेगा तो सब बर्बाद हो जाएगा । इसलिए इसको घर गिरने से पहले ही निकाल लिया जाए।

जब घर उखाड़ने के लिए लोग लगे तो पानो देवी से यह मंजर देखा न गया और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। पानो देवी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जो घटना मेरे साथ हुई है वह उन बचे हुए दो परिवारों के साथ न हो समय रहते कोई उचित कदम उठा कर उनके घरों को बचा लिया जाए।

उनका कहना है कि पति के मरने के बाद बडी मुश्किलों से बच्चों की पढ़ाई के साथ साथ घर का निमार्ण करवाया था जो आज सारा आंखो के सामने मिट्टी में मिल गया।

अब सवाल यह है कि प्रशासन इस गरीब परिवार की मदद किस तरह से करता है या सिर्फ तमाशा ही देखने का कार्य करता है और जो दो घर और भूस्खलन की चपेट में आने वाले है क्या उनको बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे

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