कटोच वंश के 489वें राजा बनने जा रहे एश्वर्य चंद, गुलेर, सीबा से लेकर कश्मीर से आएंगे वीवीआईपी
धर्मशाला – व्यूरो रिपोर्ट
कांगड़ा के एतिहासिक किले 30 मार्च को को राजाओं का महामिलन होने जा रहा है। पूर्व सांसद चंद्रेश कुमारी व स्वर्गीय आदित्य देव कटोच के बेटे एश्वर्य चंद कटोच के राजतिलक पर देश की कई रॉयल फैमिलीज से वीवीआईपी पहुंचेंगे।
इनमें दतारपुर से राजा रोमेश चंद डढवाल, सीबा से राजा डा अशोक ठाकुर, जसवां से टिक्का पृथ्वी सिंह जसवाल व गुलेर से राघव गुलेरिया शिरकत करेंगे।
सीबा के राजा डा अशोक ठाकुर ने बताया कि त्रिगर्त के राजाओं के अलावा कश्मीर और जैसलमेर के राजपरिवारों से कई हस्तियां समारोह में शिरकत करेंगी। बेशक अभी रियासतें नहीं हैं, लेकिन परंपरा निर्वहन के लिए होने वाले इस कार्यक्रम में कई बड़े राजपरिवार जुटेंगे।
यही कारण है कि हर किसी की नजर इस समारोह पर है। इस कार्यक्रम में रामपुर से नबाब साहब के अलावा कुटलैहड़, रीवा, बिलासपुर आदि से कई हस्तियां आ सकती हैं।
किले में कटोच वंश की कुलदेवी मां अंबिका के मंदिर में यह कार्यक्रम होगा। करीब 400 साल बाद कांगड़ा दुर्ग में राज्याभिषेक की परंपरा के बहाने होने वाले राजाओं के महामिलन को लेकर यह कार्यक्रम बेहद खास बन गया है।
एश्वर्य चंद राजतिलक के बाद कटोच वंश के 489वें राजा बन जाएंगे। वह पूर्व सांसद चंद्रेश कुमारी व स्वर्गीय आदित्य देव कटोच के बेटे हैं।
मौजूदा समय में एश्वर्य चंद कटोच लंबागांव राजघराने के टिक्का राज हैं। उनका राजतिलक होते ही शैलजा कुमारी कटोच को महारानी और उनके बेटे अंबिकेश्वर चंद्र को कटोच को टिक्का राज की उपाधि मिल जाएगी।
एश्वर्य चंद कटोच की माता एवं पूर्व सांसद चंद्रेश कुमारी की तरफ से कई राजघरानों को न्योता भेजा गया है। वह राजस्थान के जोधपुर राजघराने की बेटी हैं। इस कार्यक्रम में महाराजा एश्वर्य चंद कटोच एक पुस्तक का विमोचन भी करेंगे।
इस पुस्तक का नाम है ‘कटोच’ ‘दि त्रिगर्त इंपायर’। बहरहाल कांगड़ा दुर्ग में बेहद खास कार्यक्रम होने जा रहा है। इस बारे में एसडीएम कांगड़ा नवीन तंवर ने बताया कि उन्हें भी इस कार्यक्रम का न्योता मिला है। हालांकि अभी तक कोई और आफिशियल गाइडलाइन जारी नहीं हुई हैं।

