
कांगड़ा – हिम खबर डेस्क
प्रदेश के जिला कांगड़ा के लंबागांव खंड की कुछ पंचायतों में साल 2011 में जल शक्ति विभाग के साथ हुए एमओयू समझौते के तहत रखे गए जल सहायकों को पिछले दस महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
जल सहायकों ने विभाग को चेतावनी दी है की अगर एक सप्ताह के अंदर इनको वेतन नहीं मिला तो ये पानी छोड़ना बंद कर देंगे एवं दूसरे किसी को भी छोड़ने नहीं देंगे।
वेतन नहीं मिलने पर सोमवार को लंबागांव खंड के जल सहायकों का एक प्रतिनिधिमंडल जल शक्ति विभाग लंबागांव के सहायक अभियंता बलदेव चौधरी से मिला एवं उन्हें वेतन दिए जाने की मांग की।
इन सहायकों का कहना है कि पानी का बिल माफ होने के बाद उन्हें दस माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इसके कारण उन्हें रोटी के लाले पड़ गए हैं।
पंचायतों में कार्यरत जल सहायक सुनील शर्मा, संजय कुमार, विजय कुमार, बालक राम, अशोक कुमार, भूपेंद्र, विवेक, नीलम देवी, विनोद कुमार, मेहर चंद, मोहित कटोच, जगदीश चंद, सुरजीत, अनिल कुमार, पंकज, शोलेंद्र कुमार, श्रवण कुमार आदि ने बताया कि उनको पिछले दस महीनों से वेतन नहीं मिला है।
इसके बावजूद वे जल शक्ति विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन पिछले दस महीनों से उनको कोई वेतन नहीं मिल रहा है।
इसकी सुध न तो पंचायतें ले रही है और न तो विभाग। इन जल सहायकों ने विभाग एवं सरकार को चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर उनको वेतन नहीं दिया तो वे पानी छोड़ना बंद कर देंगे एवं दूसरे किसी को भी पानी नहीं छोड़ने देंगे।
उन्हें अब न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा तो वे अब इससे भी पीछे नहीं हटेेंगे।
सहायक अभियंता के बोल
उधर, सहायक अभियंता बलदेव चौधरी ने कहा कि 2011 में विभाग के साथ पंचायतों के हुए एमओयू के तहत इन जल सहायकों की नियुक्ति हुई थी। इनको वेतन पंचायतों में आने वाले पानी के बिलों से दिया जाता था। इन जल सहायकों के संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श चला हुआ है।
