शीतकालीन सत्र : सत्ता पक्ष ने सराहा राज्यपाल का अभिभाषण, विपक्ष ने बताया दिशाहीन

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धर्मशाला, 07 जनवरी – राजीव जस्वाल

हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के धर्मशाला स्थित तपोवन में आयोजित शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

एक दिन पहले सदन में सरकार की ओर से राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा दिए गए अभिभाषण को विपक्ष ने दिशाहीन करार देते हुए कहा कि इसमें कोई विजन नहीं हैै।

दूसरी ओर सत्तापक्ष ने सरकार के फैसलों का बचाव किया और कहा कि भाजपा छह माह तक संयम रखे तथा सरकार की कार्यशैली को देखे।

अभिभाषण पर चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस विधायक संजय रतन ने भाजपा को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने और सकारात्मक सुझाव देने की सलाह दी, ताकि सरकार उन पर अमल कर सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हर वह कार्य करेगी, जो प्रदेश हित में होगा। संजय रतन ने सरकार द्वारा लगभग 900 संस्थानों को डिनोटिफाई करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में कई ऐसे संस्थान खोल दिए, जिनका फायदा होने के बजाय लोगों को नुकसान हुआ।

उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्य को निलंबित करने के फैसले को भी सही करार दिया और कहा कि यह संस्थान भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का अड्डा बन गया था।

कांग्रेस के चंद्रशेखर ने धन्यवाद प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए सरकार से प्रदेश में सभी मनरेगा जॉब कार्ड होल्डर को एक सौ 20 दिन का रोजगार देने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। विधायक चंद्रशेखर ने जल जीवन मिशन और बागवानी मिशन में पूर्व भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाई करने के फैसले का कड़ा विरोध किया और सरकार से अपने इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की।
परमार ने कहा कि कांग्रेस ने अपने प्रतिज्ञा पत्र में सरकार बनने पर 10 दिनों के भीतर ओपीएस लागू करने, एक लाख रोजगार का प्रावधान करने और प्रदेश की 18 से 60 वर्ष तक की महिलाओं को 15 सौ रुपए प्रतिमाह भत्ता देने का वादा किया था। उन्होंने पूछा कि अब इन वादों का क्या हुआ, क्योंकि सरकार को बने एक महीने का समय होने जा रहा है।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विपक्ष को अपने राजनीतिक चश्मे को हटाकर सुक्खू सरकार द्वारा प्रदेश हित में लिए जा रहे निर्णयों की सराहना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण उन्हीं अफसरों ने तैयार किया है, जो पूर्व भाजपा सरकार में अहम पदों पर तैनात थे।
भाजपा के सुखराम चोैधरी, कांग्रेस के जगत सिंह नेगी, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार सहित अन्य सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
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