
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पच्छाद उप मंडल में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस सुलझा लिया गया है।
चमेंजी पंचायत में 20 अक्टूबर की रात 9 साल के बच्चे व उसकी मां को मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्यारे की गिरफ्तारी न होने की वजह से जनाक्रोश भी पैदा हुआ था।
पुलिस ने गांव के ही रहने वाले 40 साल के शादीशुदा नरेश को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक दोहरे हत्याकांड के लिए गठित एसआईटी ने हत्याकांड की वजह को भी बेपर्दा कर दिया है।
गौरतलब है कि दोहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस ने सूचना देने वाले को एक लाख के इनाम की घोषणा भी की थी।
साथ ही एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा आईजी स्तर के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया था।
यह थी वजह
जानकारों का कहना है कि दोहरे हत्याकांड की वजह भी चौंकाने वाली है। इसी कारण पुलिस को यह केस क्रैक करने में 10 दिन का वक्त लगा।
जांच में यह सामने आया है कि आरोपी का तकरीबन दो साल पहले तक पीड़ित महिला से अफेयर था। लेकिन ब्रेकअप हो चुका था। लिहाजा, पीड़ित महिला व आरोपी के बीच कोई बातचीत नहीं होती थी।
इसी कारण पुलिस का शक आरोपी की तरफ नहीं जा रहा था। हालांकि पुलिस इस बात का पता लगा चुकी थी कि आरोपी के छोटे भाई से मृतक महिला का अफेयर करीब 8 साल से चल रहा था।
लेकिन शक होने के बावजूद पुलिस को आरोपी के छोटे भाई के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल रहा था। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा को बदल दिया।
दीगर है कि जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला गांव में ही मौजूद रहा लेकिन पुलिस को उस तक सबूतों के साथ पहुंचने में वक्त लग गया।
हुआ यूं कि आरोपी का छोटा भाई पीड़ित महिला से शादी की जिद कर रहा था। परिवार में इस बात को लेकर किंतु-परंतु चल रहे थे।
आरोपी इस बात को लेकर अंदर ही अंदर इस बात को लेकर गुस्से में था कि जिस महिला का उसके साथ 2 साल पहले ब्रेकअप हो गया था, वो उसके छोटे भाई के साथ भी रिलेशनशिप में थी।
साथ ही अब यह नौबत आ गई है कि महिला उसी के घर में छोटे भाई की पत्नी बनकर आ रही थी। इसी बात को लेकर आरोपी ने महिला व उसके बच्चे की हत्या कर रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया।
कैसे पहुंचे पुलिस
दरअसल, पुलिस इस बात नतीजे पर पहुंची कि जिस व्यक्ति के साथ महिला की रिलेशनशिप थी, उसका जघन्य हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है।
अचानक ही पुलिस के जेहन में एक सवाल ये भी आया कि छोटी कद काठी वाला व्यक्ति इस तरीके से दोहरे हत्याकांड को अंजाम नहीं दे सकता।
साथ ही घर के दरवाजे को तोड़कर अंदर दाखिल नहीं हो सकता। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने गांव के भीतर ही ऐसे व्यक्तियों पर नजर घुमाई, जो शारीरिक लिहाज से स्ट्रांग लग रहे थे।
इसके बाद पुलिस ने तमाम पहलुओं पर जांच करनी शुरू कर दी। आरोपी के कॉल डिटेल भी खंगाले जाने लगे। पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिल गई जब डबल मर्डर केस में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा है व तीन बच्चों का पिता भी है। जबकि उसका छोटा भाई कुंवारा है।
क्यों मासूम की ली जान
सूत्रों का कहना है कि जांच में यह भी पता चला है कि 9 साल का अक्षम अच्छी तरह से आरोपी को पहचानता था। वह उसे चाचा भी कहकर पुकारता था।
आरोपी को ऐसा लगा कि वो इस जघन्य कृत्य का खुलासा पिता या पुलिस के सामने कर सकता है। लिहाजा, उसने मासूम बच्चे के सिर पर वार कर मौत की नींद सुला दिया।
बता दें कि इस दोहरे कांड में दोहरे हत्याकांड में पुलिस पर शुरू से ही काफी दबाव था। लेकिन, पुलिस की टीम संयम से जांच को आगे बढ़ा रही थी।
क्या बोली पुलिस
रविवार सुबह डीजीपी संजय कुंडू ने ट्वीट पर केस क्रेक होने की सूचना दी। साथ ही सफलता पूर्वक केस को सुलझाने पर सिरमौर पुलिस की पीठ भी थपथपाई।
पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की साथ ही कहा कि इससे अधिक नहीं बता सकते है।
