हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले की मंड खड्ड में रेत, पत्थर और बजरी के खनन पर वर्ष 2006 से लागू प्रतिबंध को हटा दिया है। यह प्रतिबंध गांव सिहोटी से गांव सियारा (पपलाह पंचायत) तक खड्ड के वर्तमान प्रवाह क्षेत्र में लागू था।
सरकार के उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लंबे समय से इस प्रतिबंध को हटाने के लिए विभाग को कई प्रतिनिधित्व प्राप्त हो रहे थे। इनमें वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से खनन शुरू कर राजस्व बढ़ाने तथा अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
मामले की जांच के लिए कांगड़ा के एसडीएम (सी) की अध्यक्षता में एक संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया गया था। समिति ने 2 सितंबर 2023 को क्षेत्र का निरीक्षण कर पाया कि पिछले 16 वर्षों में खड्ड में खनिजों का पर्याप्त पुनर्भरण हो चुका है और अब यह क्षेत्र नियंत्रित व वैज्ञानिक खनन के लिए उपयुक्त है।

समिति ने यह भी सिफारिश की कि खनन गतिविधियां शुरू करते समय सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखी जाए और हिमाचल प्रदेश लघु खनिज नियम, 2015 तथा 28 जून 2006 की अधिसूचना में निर्धारित शर्तों का पालन किया जाए।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 28 जून, 2006 की अधिसूचना को निरस्त करते हुए सिहोटी से सियारा तक मंध खड्ड में खनन गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आरडी नजीम द्वारा जारी किया गया है।

