हिमखबर डेस्क
मुख्यमंत्री सहारा योजना में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। एक जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए जाने की घटना उजागर होने के बाद अब जिले में ऐसे 90 से अधिक अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के गांव साई ब्राह्मण में एक महिला को विभागीय रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था। इतना ही नहीं, उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित थी। इस गंभीर त्रुटि के चलते पिछले छह महीनों से उसे मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत मिलने वाली पेंशन से वंचित रहना पड़ा।

मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर महिला का रिकॉर्ड ठीक कर दिया। अब संबंधित पोर्टल पर महिला को जीवित दर्शाया जा रहा है और उसका ऑनलाइन डाटा भी अपडेट कर दिया गया है, जिससे उसकी रुकी हुई पेंशन बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है।
इस मामले के सामने आने के बाद जब जिले में व्यापक जांच शुरू की गई, तो इसी तरह की गड़बड़ियों के 90 से अधिक मामले उजागर हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा के बोल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि यह समस्या कंप्यूटर प्रणाली में आई गड़बड़ी (ग्लिच) के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मामलों की जांच कर प्रभावित लोगों के रिकॉर्ड को जल्द ठीक किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

