
शाहपुर-नितिश पठानियां
राजकीय महाविद्यालय शाहपुर में मधुमक्खी पालन विषय पर जीव विज्ञान विभाग की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों में प्रियंका, रितिका, मुस्कान, करिश्मा, स्मृति, अलीशा, मनीषा, नितिका, संजय, रंजन, प्रिया, दिव्या, अदिती, अंजली, श्वेता, सुनमना, नितिका, प्रेमलता व बिनी की ओर से लघु शोध पत्र पढ़े गए।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. आरती वर्मा ने कहा कि मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है। जो मानव जाति को लाभांवित कर रहा है । यह एक कम खर्चीला घरेलू उद्योग है। जिससे समाज के हर वर्ग के लोग लाभांवित हो सकते हैं ।
इस उद्योग के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों में लोन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है तथा इसे युवा रोजगार के विकल्प के रूप में भी चुन सकते हैं। वहीं इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण की सुविधा भी है। इस अवसर पर डा नीरज शर्मा ने कहा कि इस व्यवसाय के लिए एपिस मेलीफेरा, एपिस इंडिका, एपिस डोससाटा व एपिस फ्लोरिया इस प्रकार की मधुमक्खियों का इस्तेमाल होता है।
इस व्यवसाय के लिए एपिस मेलीफेरा को अधिक महत्व दिया जाता है। क्योंकि इस प्रजाति की मधुमक्खियां शांत स्वभाव की होती है । वह अधिक शहद उत्पादन करती हैं। इन्हें डिब्बों में आसानी से पाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने शहद के महत्व को भी विस्तार से बताया । इस व्यवसाय को अपना कर अपनी आर्थिकी मजबूत की जा सकती है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के डाक्टर संजय शर्मा, प्रोफेसर सरिता, डॉक्टर सुशीला शर्मा, प्रोफेसर सुरेश व रमेश, कुलदीप व रवि कुमार उपस्थित रहे।
