
बिलासपुर, सुभाष चंदेल
रेलवे भू अधिग्रहण प्रभावितों की बैठक टाली गांव में सदाराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।प्रभावितों का कहना था आश्चर्य की बात है कि पिछले 1 वर्ष में हर वस्तु की कीमत दोगुनी हो गई लेकिन हिमाचल की कृषि भूमि जिसकी उपलब्धता कुल क्षेत्रफल का मात्र 17 प्रतिशत है कि कीमत सरकारी रिकार्ड में 54 प्रतिशत तक गिर गई।
उनका कहना था कि 12 जुलाई को बिलासपुर जिला के टाली गांव में महत्वकांक्षी भानुपल्ली- बिलासपुर रेल लाइन की भू अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान भू अर्जन अधिकारी ने जब भूमि का सर्कल रेट 9 लाख 1 हजार 768 रु बताए तो किसान सन्न रह गए जबकि 31 मार्च 2021 तक सर्कल रेट 19 लाख 53 हजार 846 रु प्रति बीघा निर्धारित किया गया था।
प्रभावितों का कहना था कि वर्ष 201314 में कीरतपुर नेरचौक फोरलेन प्रभावितों को 21 लाख रु प्रति बीघा की दर से मुआवजा दिया गया जिसे बाद में न्यायालय द्वारा 36 लाख रु बीघा कर दिया गया। अब इसी भूमि में से फोरलेन बन रही है तो इन परिस्थितियों में जब भूमि के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं तो भूमि के सर्कल रेट कम करना किसानों के साथ सरासर धोखा है। किसानों ने मांग रखी कि सही तरीके से सर्कल रेट निर्धारित करने के साथ ही कृषि भूमि का उचित मुआवजा किसानों को दिया जाए।
इस बैठक में रणवीर सिंह, मंगल सिंह, गोरखी राम, हीरा लाल, राजेश कुमार ,रूप सिंह, सुखराम, सुरेन्द्र सोनी ,श्रीराम, देसराज धीमान ,नारायण सिंह ,चौधरी राम तथा ब्रह्मानंद मौजूद रहे।
