डोल भटहेड़ – अमित शर्मा
हिमाचल की सूखू सरकार के वित्तीय संकट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने कहा कि जबसे हिमाचल प्रदेश में सुखबिंदर सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी है, तबसे ही भंयकर आपदा और राजनीति का संकट तो लगातार सूखू सरकार को परेशानियां में डाले हुए हैं लेकिन अब वित्तीय संकट ने भी सूखू सरकार को बूरी तरह से घेर लिया है।
वित्तीय संकट से पहले राजनीति संकट को विरोधी दल भाजपा की साज़िश और भंयकर आपदा को प्राकृतिक प्रकोप बताकर सूखू सरकार जनता से हमदर्दी लेने में काफी हद तक सफल होते दिखाई दे रही थी लेकिन एकाएक खराब वित्तीय स्थिति केलिए प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सहित आम जनता भी सीधे तौर पर सूखू सरकार की कारगुजारी पर उंगलियां उठा रही है।
आम जनता का कहना कि जो सरकार समय पर अपने कर्मचारियों को वेतन और पैंशनरों को पैंशन नहीं दे पा रही है तो उस सरकार से अन्य विकास कार्यों को गति प्रदान करने की क्या उम्मीद की जा सकती है। अतः हिमाचल की आम जनता भी ख़राब वित्तीय स्थिति को लेकर सीधे सीधे सूखू सरकार की कारगुजारी पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए दिखाई दे रही है जिससे सूखू सरकार का ग्राफ पहले की अपेक्षा वर्तमान समय में जनता के बीच गिरता हुआ नजर आ रहा है।
यदि समय रहते सूखू सरकार ने खराब वित्तीय स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया तो आम जनता का रोष सरकार के विरुद्ध सड़कों पर देखने के साथ ही इसका सीधा असर आगामी वर्ष में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में कांग्रेस पार्टी के समर्पित उम्मीदवारों की हार जीत पर पड़ता हुआ दिखाई दे सकता है।

