सोलन – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भले ही संसाधनों की कमी है, लेकिन यहां के डॉक्टरों का जज़्बा हर कमी पर भारी पड़ रहा है। यहां तैनात एक डॉक्टर ने ऐसा कर दिखाया, जिसने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज के लिए लोगों को प्रेरित किया।
दरअसल, एक दंपति डेढ़ साल से संतान सुख के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे थे। इस दौरान बड़े-बड़े अस्पतालों को छोड़, उन्होंने सोलन अस्पताल पर भरोसा जताया। गायनी विशेषज्ञ डॉक्टर पीयूष वोहरा की देखरेख में इलाज शुरू हुआ और पांच महीने का कोर्स तय था, लेकिन महज तीन महीने में ही खुशखबरी मिल गई।
खास बात ये रही कि दंपत्ति साउथ अफ्रीका में रहता है और लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहा। डॉक्टर ने ऑनलाइन ही उनकी हर रिपोर्ट पर नजर बनाए रखी। नतीजा यह रहा कि अब दंपत्ति के घर गूंजी किलकारियां गूंजी है और महिला ने बेटी को जन्म दिया है।

इस पहले भी डॉ. पीयूष कई ऐसे जटिल सफल ऑपरेशन कर महिलाओं के जीवन में खुशियां ला चुके हैं। उन्होंने 9 सालों से संतान के लिए तरस रही महिला की फेलोपिन ट्यूब बंद थी औऱ सफल ऑपरेशन करके इसे खोला है।
महिला आशा के बोल
महिला आशा ने बताया कि उन्हें प्रेग्नेंसी मे दिक्कत थी। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर पीयूष से जांच करवाई और फिर वह साउथ अफ्रीका चले गए। वहां पर भी उन्होंने डॉक्टर से संपर्क बनाए रखा और अब वह मां बन गई हैं। महिला आशा ने बताया कि पांच महीने की दवाई दी गई थी। अब उन्होंने बेटी को जन्म दिया है।
डॉ. पीयूष के बोल
डॉ. पीयूष ने बताया कि महिला को इनफर्टिलिटी की दिक्कत थी। महिला पिछले एक साल पहले हमारे अस्पताल में आई थी। उन्होंने बताया कि विदेश से भी मरीज ने उनसे रिपोर्ट्स शेयर करते रहे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इनफर्टिलिटी के मामले काफी आ रहे हैं और वह मरीजों को बेहतर इलाज दे रहे हैं।

