पेंशन बहाली पर सरकार की खामोशी निराशाजनक

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कांगड़ा – राजीव जसवाल 

नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के कांगड़ा जिला प्रधान रजिंदर मन्हास ने आज अपने प्रेस में जारी बयान में कहा कि 3 मार्च को हिमाचल के अलग अलग जिलों से हजारों की संख्या में एनपीएस कर्मचारी शिमला पहुंचे थे।

जिसमें जिला कांगड़ा के ही लगभग 10 हजार से ऊपर कर्मचारी शिमला पेंशन बहाली की आस में गए थे। परंतु सरकार ने शिमला पहुंचे कर्मचारियों को ऐसे नजरअंदाज किया जैसे वह हिमाचल के ना होकर किसी अन्य राज्य के कर्मचारी हैं।

जिला प्रधान ने कहा कि अब कर्मचारी सिर्फ प्रदेश सरकार से एक्शन चाहते हैं क्योंकि राज्यस्थान सरकार ने अप्रैल माह से एनपीएस की कटोती बन्द कर दी है ।

जिला प्रधान ने कहा कि एक लाख बीस हजार कर्मचारी नही चाहते कि उनका पैसा शेयर मार्किट में लगाया जाए। जिला प्रधान ने उदारहण देते हुए कहा कि यूक्रेन और रूस के युद्ध का बहुत कम असर भारतीयों पर हुआ है।

परंतु इस युद्ध की वजह से शेयर मार्किट डाउन होने से भारत के 70 लाख एनपीएस कर्मचारियों का शेयर मार्किट में लगा पैसा 25 से 30 हजार जरूर कम हो गया।

जिला प्रधान ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर अजीब सी चुप्पी बनाए हुए है जो एनपीएस कर्मचारियों को बहुत बुरी लग रही है।

मन्हास ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इस एनपीएस रूपी दानव से हिमाचल के कर्मचारियों को मुक्ति दिलाने में हर संभव प्रयास करें और उनका पैसा प्रदेश सरकार अपने पास रख कर पुरानी पेंशन जारी करे।

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