शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के स्कूलों में जाने से तौबा करने वाले 24 शिक्षकों के पदोन्नति आदेश रदद हो गए हैं। 27 मई को 191 हेडमास्टरों और 65 प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर प्रिंसिपल बनाया गया था। पदोन्नति के साथ ही इनके तबादले नए स्कूलों में किए गए।
तय समय के भीतर नए स्कूलों में पद ग्रहण नहीं करने पर विभाग ने 7 प्रवक्ताओं और 17 हेडमास्टरों के पदोन्नति आदेश रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इन शिक्षकों के तबादले शिमला, चंबा, कुल्लू, सिरमौर और मंडी के दूरदराज स्थित स्कूल में हुए थे। शिक्षकों ने इन क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए पदोन्नति नहीं लेने को बेहतर समझा है।
प्रिंसिपल पद के लिए पदोन्नत किए गए जिन प्रवक्ताओं ने पद ग्रहण नहीं किए हैं, उनमें हिमांशु सूद, अमित कौशल, पवन कुमार ठाकुर, शालू गुप्ता, जगदीश चंद, मंजू और अशोक कुमार शामिल हैं।
हेडमास्टरों में कृष्ण लाल, रेणु गुप्ता, बनीता कुमारी, निर्मला कुमारी, अंजना, विनय शर्मा, चमन लाल, बाबू राम, विजय कुमार, वंदना डोगरा, सरला देवी, रचना अग्रवाल, उर्मिला देवी, राजेश कुमार, संजीव कुमार, संगीता और कुलदीप सिंह शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने पदोन्नति आदेश जारी करने के साथ ही तबादलों में कोई बदलाव नहीं करने के निर्देश दिए थे।
सिर्फ पांच शिक्षकों के स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए तबादला आदेश बदले गए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी मंत्रियों और विधायकों को पदोन्नत प्रिंसिपलों के ट्रासंफर आर्डर कैंसिल करवाने के लिए डीओ नोट नहीं देने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति पर जिन स्कूलों में प्रिंसिपलों को नियुक्तियां दी गई हैं, वहीं जाकर इन्हें सेवाएं देनी होंगी। वित्त विभाग की नई अधिसूचना के तहत 30 किलोमीटर से कम दायरे वाले स्कूलों में स्थानांतरित प्रिंसिपलों को एक दिन और 30 किलोमीटर से अधिक दायरे के स्कूलों में पांच दिन के भीतर पद ग्रहण करने को कहा था। ऐसे में तबादले रदद होने का जुगाड़ नहीं होने के चलते 24 शिक्षकों ने पदोन्नति ही नहीं ली।

