ज्वाली में एक दर्जन कंप्यूटर संस्थान, संबंद्धता का नहीं कोई अतापता
ज्वाली – अनिल छांगु
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली में कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर कंप्यूटर संस्थान युवक-युवतियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र ज्वाली करीबन एक दर्जन कंप्यूटर संस्थान हैं जिनमें से कुछ कौशल विकास भत्ता के लिए मान्यता प्राप्त हैं जबकि अधिकतर ऐसे ही चल रहे हैं।
कौशल विकास भत्ता कर लिए मान्यता प्राप्त कंप्यूटर संस्थान बच्चों का दाखिला कर लेते हैं तथा उनको मिलने वाला कौशल विकास भत्ता स्वयं हड़प लेते हैं। इन संस्थानों के संचालकों द्वारा बच्चों का दाखिला करने के साथ ही उनसे एटीएम ले लिया जाता है तथा स्वयं ही एटीएम से पैसा निकलवा लेते हैं जबकि बच्चे संस्थान में आकर हाजिरी लगाकर चले जाते हैं।
इसके अलावा अन्य कंप्यूटर संस्थानों की संबंद्धता का ही कोई अतापता नहीं है। इनमें न तो ट्रेंड टीचर होता है और न ही इनके द्वारा दिए जाने वाले सर्टिफिकेट सरकारी नोकरी में चलते हैं। अधिकतर कंप्यूटर संस्थान तो नियमों को दरकिनार करके चल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक हर कंप्यूटर संस्थान में अग्निशमन यंत्र होना चाहिए लेकिन कंप्यूटर संस्थानों में अग्निशमन यंत्र दिखाई ही नहीं देते हैं और अगर किसी ने लगाए हैं तो उनको रिफिल ही नहीं करवाया जाता है। यह संस्थान बच्चों से मोटी फीस वसूल करते हैं जबकि प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है।
बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह से मांग की है कि ज्वाली के समस्त कंप्यूटर संस्थानों का निरीक्षण करने की मांग उठाई है ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह के बोल
इस बारे में एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समस्त कंप्यूटर संस्थानों का ब्यौरा लिया जाएगा तथा इनका निरीक्षण किया जाएगा। जो कोई कंप्यूटर संस्थान बिना संबंद्धता पाया गया या कोई अन्य कमी पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

