
कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर भंग होने के बाद सरकार ने भेजा रेफरेंस
शिमला – नितिश पठानियां
ग्रुप सी यानी क्लास-थ्री की सारी भर्तियों का काम फिलहाल लोक सेवा आयोग को दिया जा रहा है। हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने के राज्य सरकार के फैसले के बाद इस बारे में रेफरेंस पब्लिक सर्विस कमीशन को भेजा गया है। इस रेफरेंस पर लोक सेवा आयोग में फुल कमीशन बैठेगा और फैसला लेगा।
आयोग से यह फैसला आने के बाद राज्य सरकार कैबिनेट में लोक सेवा आयोग रेगुलेशन में संशोधन करेगी और क्लास थ्री की सारी भर्तियां पब्लिक सर्विस कमीशन को दे दी जाएंगी। हालांकि इससे पहले यह कहा जा रहा था कि लोक सेवा आयोग सिर्फ उन्हीं भर्तियों को पूरा करेगाए जो हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में प्रक्रिया में चल रही थी।
दरअसल पब्लिक सर्विस कमीशन के मेंडेट में पहले से ही क्लास थ्री की कुछ कैटेगरी हैं। अब रेगुलेशन में बदलाव करके बाकी कैटेगरी भी उन्हें दी जा रही हैं।
दरअसल इस रेगुलेशन में ऐसा संशोधन नहीं किया जा सकताए जिसमें सिर्फ उन्हीं भर्तियों को लिया जाए जो वर्तमान में हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में चल रही थी।
हालांकि बाद में जब राज्य सरकार क्लास थ्री और क्लास फोर के लिए नई भर्ती एजेंसी बना लेए तो यह काम वापस भी लिया जा सकेगा। हालांकि अभी सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी यह है कि पब्लिक सर्विस कमीशन खुद अपने फुल कमीशन में क्या फैसला लेता है। खासकर उन 18 पोस्ट कोड की भर्ती के बारे में, जिन पर विजिलेंस ब्यूरो ने पेपरलीक की आशंका जताई है।
हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद 26 दिसंबर को वर्तमान सरकार ने सस्पेंड कर दिया था और पिछले हफ्ते इसे भंग कर दिया गया था। इसके बाद हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के स्टाफ को सरप्लस घोषित कर दिया गया है और इन्हें बाकी विभागों में मर्ज किया जाएगा।
हमीरपुर आयोग में 5500 पदों की भर्ती लंबित थी
वर्तमान में हमीरपुर आयोग के पास करीब 5500 पदों की भर्ती के लिए विभिन्न कैटेगरी की रिक्विजिशन मौजूद थी। इन भर्तियों को अब सबसे पहले पब्लिक सर्विस कमीशन ने करना हैए लेकिन यह प्रक्रिया तभी शुरू होगी, जब कमीशन इस नए प्रस्ताव पर हां कहेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को अपनी कैबिनेट की तीसरी बैठक बुलाई है। यदि इससे पहले पब्लिक सर्विस कमीशन से सोमवार या मंगलवार को जवाब आ गया, तो बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह मामला लग जाएगा। इससे रुकी हुई भर्तियों पर हलचल भी शुरू हो जाएगी।
