कारगिल की विजय, बहादुरी और बलिदान की कहानी- एसडीएम गोहर

--Advertisement--

उपमंडल नागरिक कार्यालय गोहर में कारगिल विजय दिवस का आयोजन                       

गोहर – अजय सूर्या       

कारगिल विजय दिवस पर उप मंडल अधिकारी कार्यालय में उप मंडल स्तर पर कारगिल दिवस का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम में एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत हुए व वशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपमंडल गोहर से भारतीय सेवा में सेवाएं दे चुके भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि व भूतपूर्व सैनिकों द्वारा कारगिल युद्ध में शहीद हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा एसडीम गोहर द्वारा कारगिल विजय दिवस पर उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों और कर्मचारियों व उपस्थित लोगों को कारगिल में भारतीय सेना के सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान पर शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में एसडीएम गोहर में उपस्थित भूतपूर्व सैनिक व लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जुलाई का यह दिन हम देशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिन था क्योंकि 3 मई से 26 जुलाई 1999 तक कारगिल सेक्टर में चले युद्ध को हमारे भारतीय सेना के जवानों के द्वारा कारगिल सेक्टर की सरजमी को पाकिस्तान जवानों की घुसपैठ से मुक्त करवाया और भारतीय सेना ने अपने नियंत्रण में शामिल किया था।

तभी से 26 जुलाई का दिन हमारे देश के लिए बहादुरी और बलिदान का प्रतीक बन गया और कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाने लगा क्योंकि हमारे देश वीर जवानों ने अपने जान की परवाह किए बिना अपने देश की रक्षा व मिट्टी के लिए अपने प्राण की आहुति दी।

उन्होंने कहा कि समय समय पर भारतीय सेवा के जवानों के द्वारा अपने देश की सीमाओं की रक्षा और एकता व अखंडता बनाए रखने के लिए सेवा करते रहे हैं क्योंकि भारतीय सेना जवानों के द्वारा चार युद्ध पाकिस्तान के साथ व एक युद्ध चीन के साथ युद्ध अपनी सरजमीं की रक्षा के लिए अपना अदम्य योगदान दिया है ।

कार्यक्रम में यूनियन एचपीईएसएल च्चयोट अध्यक्ष लॉन्च हवलदार धर्मपाल व यूनियन एचपीईएसएल ज्यूरी वैली के मुख्य सलाहकार कैप्टन शेर सिंह सेना मैडल के द्वारा भी कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को याद किया गया व उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्ति की गई तथा देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने और अपने जवानों के बलिदान को याद रखना का संकल्प लिया गया।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कारगिल युद्ध सैनिक हवलदार रामेश्वर सिंह ,एचपीईएसएल ज्यूरी वैली के अध्यक्ष सूबेदार मेजर टेकचंद, कैप्टन श्याम लाल, कैप्टन बलदेव, सूबेदार लाल सिंह, सूबेदार खूब सिंह ,सूबेदार मनीराम और अन्य भूतपूर्व सैनिक व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे ।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

29 अप्रैल को मनाली की अटल टनल का घूमने का प्लान है तो छोड़ दीजिए…क्योंकि महामहिम आ रही हैं!

हिमखबर डेस्क राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मू पांच दिन के हिमाचल प्रदेश...

शिमला गुड़िया मर्डर केस, जिला प्रशासन ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के कुलगांव में एक नवनिर्मित मंदिर...