हिमखबर डेस्क
इंडियन आर्मी आफिसर वह होता है, जो अपने देश के लिए मर मिट सके और समय आने पर दुश्मनों की जान ले सके। भारतीय सेना को हम इंडियन आर्मी के नाम से जानते हैं। फौजी जो देश की बॉर्डर पर खड़े होकर देश की दूसरे देशों से और दुश्मनों से रक्षा करते हैं वह इंडियन आर्मी होती है। इंडियन आर्मी जमीन पर रहकर हमारी सीमा की सुरक्षा करती है।
आर्मी का फुल फॉर्म ‘अलर्ट रेगुलर मोबिलिटी यंग’ होता है, जिसका मतलब है कि देश के ऐसे युवा जो हर प्रकार की हरकत पर नजर रखते हैं। भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है, जिसकी स्थापना पहली अप्रैल, 1849 को हुई थी। हमारी इंडियन आर्मी बहुत ही ताकतवर मानी जाती है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है और इंडियन आर्मी की देख रेख राष्ट्रपति की अध्यक्षता में की जाती है और यह सेना भारत की तटीय सीमा की रक्षा करती है।
सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय सेना भारत के सशस्त्र बलों में सबसे बड़ी है। भारतीय सेना का मुख्य मिशन राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता सुनिश्चित करने के लिए देश को बाहरी आक्रमण तथा आंतरिक खतरों से बचाना है।
फायदे
- आर्मी आफिसर को हमारे समाज में काफी मान सम्मान मिलता है।
- सेना में अफसर बनने के बाद आप देश के वीर सिपाही कहलाते हैं।
- गवर्नमेंट जॉब होने से आर्मी ऑफिसर को अच्छी सैलरी दी जाती है।
- भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद आप दूसरी नौकरी के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। अधिकारी बनने का यह एक अच्छा फायदा है।
- वेतन के साथ-साथ आपको बीच-बीच में बोनस भी प्राप्त होता है, जो आपकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करता है।
- कंेद्रीय विद्यालयों में सेना के अधिकारियों के बच्चों को विशेष वरीयता दी जाती है। सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है और साथ ही उच्च रैंक के अधिकारियों को वॉयस कार, स्विमिंग पूल तथा गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाओं का भी लाभ दिया जाता है।
सैलरी
आर्मी आफिसर के सैलरी की बात करें, तो आर्मी आफिसर का पद सरकारी होने से अच्छी सैलरी प्रदान की जाती है। आपका स्टार्टिंग वेतन 5200 से लेकर 20200 रुपए तक हो सकता है। जैसे-जैसे इसमें पोस्टिंग बढ़ती जाती है वैसे-वैसे सैलरी भी बढ़ती जाती है, लेकिन अब सातवां वेतन लागू होने से वेतन बढ़ गया है, इसलिए सातवें वेतन के हिसाब से वेतन 56 हजार से 1,77,200 तक मिल सकता है। इसके साथ ही उन्हें ग्रेड पे और बोनस भी दिया जाता है।
योग्यता
- अगर आप इंडियन आर्मी आफिसर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास जरूरी योग्यताएं होनी चाहिए। यदि आपके पास भारतीय सेना अधिकारी बनने के लिए सभी आवश्यक योग्यताएं हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं।
- इंडियन आर्मी ऑफिसर बनने के लिए सर्वप्रथम आपका भारतीय नागरिक होना जरूरी है। सिर्फ अविवाहित नागरिक ही इंडियन आर्मी ज्वॉइंन कर सकते हैं।
- आपको किसी भी मान्यता प्राप्त हाई स्कूल से 10वीं या 12वीं कक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।
- इसके अलावा अगर आप और भी कई पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो उसके लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है। तभी आप एनडीए पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- अगर आपका ग्रेजुएशन पूरा हो चुका है, तभी आप एनडीए के अलावा सीडीएस या टेरिटोरियल आर्मी पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
नोट : बता दें कि यूपीएससी द्वारा एनडीए और सीडीएस की परीक्षा आयोजित की जाती ह, जिसके फॉर्म वर्ष में दो बार निकलते हैं।
एज लिमिट
अगर आप भारतीय सेना अधिकारी के रूप में ज्वाइन करना चाहते हैं तो आपकी उम्र 18 वर्ष से लेकर 25 साल के बीच में हो सकती है। अगर आप किसी रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवार हैं तो सरकारी नियमों के अनुसार आपको एज रिलैक्सेशन भी दिया जाएगा।
शारीरिक योग्यता
- आर्मी ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार की हाइट कम से कम 170 सेंटीमीटर होनी चाहिए
- आपके सीने की चौड़ाई कम से कम 77 सेंटीमीटर होना जरूरी है।
- वजन आपकी हाइट के हिसाब से कम से कम 50 किलो से 55 किलो होना चाहिए।
- आपकी आंखें बिलकुल स्वस्थ होनी चाहिए
- आर्मी आफिसर के लिए उम्मीदवार को शारीरिक रूप से तथा मानसिक रूप से स्वस्थ और फिट होना चाहिए
यूं दें सपनों को उड़ान
अगर आप आर्मी आफिसर बनना चाहते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पद बड़ा होने के साथ-साथ एक जिम्मेदार पद भी होता है, इसलिए यह पद पाना इतना आसान नहीं है। अगर आप इस पोस्ट को पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और साथ ही आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और फिट रहना होगा। यदि आप सेना अधिकारी बनने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और इसकी ठीक से तैयारी करते हैं, तो आप सेना अधिकारी की मुख्य परीक्षा, टेस्ट तथा साक्षात्कार जैसी परीक्षा को पास कर सकते हैं। आर्मी ऑफिसर बनने कि प्रोसेस…
सर्वप्रथम 12वीं क्लास पास करें
इंडियन आर्मी ऑफिसर बनना चाहते हैं तो सर्वप्रथम अच्छे अंकों के साथ 12वीं क्लास पास करें। साथ ही आपको 12वीं कक्षा में मिनिमम 50 फीसदी अंक हासिल करना जरूरी है। उसके बाद ही आप एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि एनडीए परीक्षा यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाती है, इसलिए आपके लिए 12वीं क्लास पास होना बहुत जरूरी है। अगर आप किसी बड़े लेवल के आर्मी आफिसर बनना चाहते हैं, तो आप ग्रेजुएशन पूरी करें।
एनडीए परीक्षा क्लियर करें
एनडीए परीक्षा में केवल वही उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं, जो शारीरिक रूप से मजबूत हैं और लिखित परीक्षा देने में सक्षम हैं, क्योंकि एनडीए की परीक्षा बहुत कठिन परीक्षा होती है, जिसे पास करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा को भी दो भागों में बांटा गया है।
पहला है गणित और दूसरा है जनरल एबिलिटी, क्योंकि अगर आप आर्मी आफिसर बनने की ख्वाहिश रखते हैं तो आपकी रीजनिंग और जनरल अवेयरनेस का मापन किया जाता है। एनडीए की गणित की परीक्षा में 300 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि जनरल एबिलिटी के प्रश्न 600 अंकों के पूछे जाते हैं, जिसमें उम्मीदवार को गणित के पेपर में 120 प्रश्न के उत्तर देने होते हैं।
वही जनरल एबिलिटी टेस्ट में उम्मीदवार को 150 प्रश्न के उत्तर देने होते हैं, लेकिन बता दें कि इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती ह, जहां गलत उत्तर लिखने पर आपके 0.33 अंक काटे जाते हैं, इसलिए आपको कोई भी उत्तर ध्यान से और सोच समज कर लिखना होगा।
नोट : बता दें कि जो उम्मीदवार सेना में अधिकारी बनने के लिए सीडीएस परीक्षा देना चाहते हंै और डिफेंस में करियर बनाना चाहते हैं या ग्रेजुएशन के बाद आर्मी में ऑफिसर बनने का मौका पाना चाहते हैं, तो उनके लिए कंबाइन डिफेंस सर्विसेज एग्जाम एक अच्छा विकल्प है, जो साल में दो बार आयोजित किया जाता है।
एसएसबी इंटरव्यू पास करें
एनडीए की लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार को एसएसबी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यू बहुत कठिन होता है, क्योंकि इस इंटरव्यू में मेमोरी टेस्ट, रिएक्शन टेस्ट, सिचुएशन टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन, फोटो टेस्ट से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, जिसे पास करने के लिए आपको बहुत अच्छी तरह से तैयारी करनी होती है और इस इंटरव्यू को सफलतापूर्वक पास करना होता है।
फिजिकल टेस्ट पास करें
एसएसबी इंटरव्यू को सफलतापूर्वक पास करने के बाद आपको फिजिकल टेस्ट में शामिल होना होता है, जिसमें आपको लॉन्ग जंप, हाई जंप आदि जैसे टेस्ट देने होते हैं और सभी टेस्ट में अलग-अलग नंबर दिए जाते हैं। फिजिकल टेस्ट में उम्मीदवारों को 1600 मीटर की दौड़ पांच मिनट 40 सेकंड में पूरी करनी होती है, जिसके तहत आपको टेस्ट में नंबर दिए जाते हैं।
मेडिकल टेस्ट पास करें
जैसे ही आप फिजिकल टेस्ट पास करते हैं, आपको मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है, जिसमें आपके ब्लड ग्रुप से लेकर कान, आंख, आवाज आदि चीजों की जांच की जाती है। यदि आप इन सभी चीजों में सफल होते हैं, तो आपको आगे के दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाता है।
डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा करें
मेडिकल टेस्ट में सफल होने के बाद आपको डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है, जिसमें आपके डॉक्यूमेंट की जांच की जाती है। डॉक्यूमेंट की जांच में आपसे कक्षा 10वीं तथा 12वीं की मार्कशीट मांगी जाती है। साथ ही आपका चरित्र प्रमाण पत्र, आपका शारीरिक फिटनेस प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि। इसके अलावा यदि आपने खेल के क्षेत्र में प्रमाण पत्र प्राप्त किया है, तो वह भी पूछा जाता है। यदि आप दस्तावेज सत्यापन में सफल होते हैं, तो आप सेना में शामिल हो जाते हैं।
ज्वॉइनिंग होकर ट्रेनिंग पूरी करें
जैसे ही आप दस्तावेज सत्यापन पूरा करते हैं, आपको प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है, जहां आपको छह महीने या एक साल की ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। यदि आप सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करते हैं, तो आपको सेना अधिकारी का पद प्राप्त होता है।
इंडियन आर्मी ऑफिसर के पद
अगर आप इंडियन आर्मी ज्वॉइन करना चाहते हैं, तो इसमें कई प्रकार के पद होते हैं। आवेदन करने से पहले आपको सभी पदों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। इंडियन आर्मी की कुछ महत्त्वपूर्ण पद जैसे…
लेफ्टिनेंट : जब आप इंडियन आर्मी में एंट्री करते हैं, तो यह सबसे पहले रैंक आपको मिलती है। लेफ्टिनेंट का काम छोटी-छोटी टीम का नेतृत्व करने का होता है। लेफ्टिनेंट को 56100 रुपए से लेकर 177500 के बीच में हर महीने सैलरी मिलती है। साथ ही आपको कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं।
कैप्टन : लेफ्टिनेंट के बाद में दूसरा बड़ा पद होता है कप्तान का, जिसके ऊपर थोड़ी ज्यादा जिम्मेदारियां दी जाती हैं। एक कैप्टन प्लाटून का नेतृत्व करता है। हर महीने एक प्टन को 61300 रुपए की सैलरी मिनिमम दी जाती है जो अधिकतम 193900 प्रति माह तक जाती है।
मेजर : मेजर के ऊपर कई प्रकार की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती है। एक मेजर स्क्वाड्रन लेवल पर महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। एक मेजर का काम टेक्निकल प्लानिंग और कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने का होता है। मेजर की सैलरी 69400 से शुरू हो जाती है, जो 207200 तक जाती है।
लेफ्टिनेंट कर्नल : लेफ्टिनेंट कर्नल के ऊपर एक बटालियन की पूरी जिम्मेदारी होती है। कर्नल अलग-अलग आर्मी डिपार्टमेंट में कई प्रकार की योजनाओं को लागू करते हैं। एक कर्नल की सैलरी 1,21,200 हर महीने मिनिमम होती है, जो अधिकतम 2,12,400 रुपए प्रति माह तक जाती है।
कर्नल : कर्नल उच्च पद पर आसीन रहता है, जो कई प्रकार के कार्य करता है। आर्मी आफिसर की ट्रेनिंग एडमिनिस्ट्रेशन और को-ऑर्डिनेशन की पूरी जिम्मेदारी कर्नल की होती है। एक कर्नल को 1,30,600 रुपए से लेकर 2,15,900 रुपए हर महीने तक की सैलरी मिलती है।
ब्रिगेडियर : एक ब्रिगेडियर की पोस्ट बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है। कई प्रकार की योजनाओं का संचालन ब्रिगेडियर द्वारा ही किया जाता है। एक ब्रिगेडियर के अंदर में बहुत ज्यादा आर्मी के कर्मचारी होते हैं। ब्रिगेडियर की सैलरी की बात की जाए, तो 1,39,600 रुपए से शुरू होती है, जो 2,17,600 रुपए तक जाती है।
मेजर जनरल : आर्मी के अंदर अलग-अलग प्रकार के डिवीजन की कमान मेजर जनरल द्वारा संभाली जाती है। कई प्रकार की योजनाओं और पॉलिसी को लागू करने का काम मेजर जनरल का होता है। इनकी सैलरी 1,44,200 रुपए से शुरू हो जाती है, जो अधिकतम 2,18,200 रुपए हर महीने तक जाती है।
लेफ्टिनेंट जनरल : आर्मी के अंदर वरिष्ठ अधिकारियों में लेफ्टिनेंट जनरल दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। इनके अंदर में बहुत ही ज्यादा कर्मचारी और आर्मी के डिपार्टमेंट काम करते हैं। लेफ्टिनेंट का सैलरी पैकेज 1,82,200 रुपए से शुरू होता है, जो अधिकतम 2,24,100 रुपए हर महीने तक जाता है।
जनरल : आर्मी का सबसे बड़ा पद जनरल का होता है, जिसे हम सामान्य भाषा में आर्मी का की भी कहते हैं। पूरी की पूरी इंडियन आर्मी की जिम्मेदारी आर्मी चीफ के ऊपर होती हैं। पूरी इंडियन आर्मी को आदेश देना उनकी लीडरशिप करना देश की सिक्योरिटी की रणनीति बनाना यह सभी कुछ जनरल का कार्य होता है। जनरल की सैलरी 2,50,000 रुपए हर महीने से शुरू होती है।

