हिमखबर डेस्क
प्रदेश में पुलिस अवैध खनन के मामलों पर कार्रवाई को लेकर पहले से ज्यादा सख्त हो गई है। इस संदर्भ में पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों को नई हिदायतें जारी की हैं।
डीजीपी अशोक तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि खनन कानूनों के तहत मामलों के निपटारे यानी कंपाउंडिंग की प्रक्रिया को लेकर पहले जारी निर्देशों में आंशिक संशोधन किया गया है।
यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अब अवैध या अनियमित खनन गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले ट्रैक्टर जैसे छोटे वाहनों और खच्चरों के मामलों में पुलिस कानून और समय-समय पर जारी सरकारी निर्देशों के अनुसार मौके पर चालान कर कंपाउंडिंग कर सकेगी।
इसके साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि कंपाउंडिंग केवल उन्हीं मामलों में की जाए जहां इसकी कानूनी अनुमति हो और इसका पूरा रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए। दूसरी ओर टिप्पर, जेसीबी, एक्स्कावेटर और अन्य भारी मशीनरी से जुड़े अवैध खनन मामलों में पुलिस को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे सभी मामलों में इन वाहनों और मशीनों को अनिवार्य रूप से जब्त किया जाएगा और उन्हें संबंधित अधिकार क्षेत्र की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस को साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे भारी वाहनों के मामलों में किसी भी स्तर पर कंपाउंडिंग नहीं की जाएगी।
जब्त सामग्री के निपटान की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी। सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि यदि किसी स्तर पर इन निर्देशों की अवहेलना पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अपने आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि ये निर्देश 17 जून, 2025 को जारी पहले के आदेशों के साथ मिलाकर पढ़े जाएंगे और नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।

