हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित गगल एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया में तेजी आई है, तारबंदी के लिए 1.16 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और इसका काम लोक निर्माण विभाग (PWD) करेगा।
शाहपुर – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के बहुप्रतीक्षित कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की कवायद अब धरातल पर तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने इस अहम परियोजना को आगे बढ़ाते हुए अधिग्रहित भूमि को सुरक्षित करने के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपए का बजट जारी कर दिया है। यह राशि पर्यटन विभाग को सौंपी गई है, जिसके बाद अब लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बाउंड्री और तारबंदी का काम शुरू किया जा रहा है।
वहीं, इस महात्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से जुड़े सबसे बड़े तकनीकी पहलू मांझी खड्ड पर प्रस्तावित रनवे ब्रिज की ऊंचाई को लेकर भी जल्द ही अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। तारबंदी से न केवल जमीन महफूज रहेगी, बल्कि आगे के ढांचागत निर्माण कार्यों के लिए एक व्यवस्थित ग्राउंड तैयार होगा। पीडब्ल्यूडी जल्द ही इसकी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करेगा।
रनवे ब्रिज की ऊंचाई पर खत्म होगा सस्पेंस
एयरपोर्ट विस्तार का सबसे जटिल हिस्सा मांझी खड्ड पर बनने वाला रनवे ब्रिज है। बताया जा रहा है कि ब्रिज की ऊंचाई और ढांचे को लेकर तकनीकी समीक्षा अपने अंतिम चरण में है और रिव्यू रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंप दी जाएगी। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही ब्रिज की अंतिम ऊंचाई तय होगी। यही निर्णय तय करेगा कि परियोजना के इस अहम तकनीकी चरण को किस डिजाइन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
पर्यटन को पंख
प्रदेश की महत्त्वाकांक्षी परियोजना कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार केवल कांगड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल के पर्यटन और आर्थिकी के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। इसके विस्तार से धर्मशाला, मकलोडगंज और अन्य पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी।

