हिमाचल प्रदेश के चंबा में गोवंश की हत्या के मामले को लेकर विरोध देखने को मिला, विरोध में बाजार बंद रहे और हिंदू संगठनों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर रोष जताया।
चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के सिल्लाघ्राट क्षेत्र में गोवंशीय पशु की हत्या से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया है। विरोध में आज चंबा बाजार बंद रखा गया है। मेडिकल स्टोर के अलावा सभी तरह की दुकानें बंद हैं। शारदीय नवरात्र में घटी इस घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर मंगवाना पड़ा।
बुधवार को चंबा शहर में प्रदर्शन के दौरान डीसी के मौके पर न पहुंचने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भड़क गए व उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्य चौक पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रण में लिया और घटनास्थल का गहन मुआयना कर ग्रामीणों के बयान कलमबद्ध करने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि शारदीय नवरात्र के दौरान माहौल खराब करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष समुदाय के कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से वारदात को अंजाम दिया गया है।
ग्रामीणों ने इस बर्बर कृत्य पर कड़ा विरोध दर्ज करवाते हुए पुलिस से तत्काल साक्ष्य जुटाने और संलिप्त आरोपियों को बेनकाब करने की मांग की। इस घटना की गूंज जिला मुख्यालय चंबा तक पहुंच गई। शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय के मुख्य चौक पर एकत्रित हो गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने चेताया कि जिला में ऐसी नापाक हरकतें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पुलिस से इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलवाए।
मुख्य चौक पर पहुंचे प्रदर्शनकारी, डीसी को बुलाने पर अड़े
विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े लोग अवशेष लेकर शहर के मुख्य चौक पर पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उपायुक्त स्वयं मौके पर पहुंचें और मामले में कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना था कि घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसडीएम और डीएसपी मौके पर पहुंचे
स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम चिराग शर्मा और डीएसपी बलदेव दत्त मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस भी मौके पर तैनात रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कार्रवाई पर टिकीं लोगों की निगाहें
घटना के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है। वहीं, शहर में विरोध के चलते यातायात और कारोबार प्रभावित होने से आम लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
फिलहाल इस मामले में दोषियों की पहचान या कार्रवाई को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी मामले में संलिप्त लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
डीसी या एसपी के पहुंचने तक चक्का जाम की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान मुख्य चौक पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उपायुक्त चंबा या पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं पहुंचते, तब तक चक्का जाम जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों के रोष और प्रशासन से वार्ता की मांग के बीच अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी के बोल
सिल्लाघ्राट क्षेत्र में गोवंशीय पशु की हत्या से संबंधित शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों के बयान भी कलमबद्ध किए गए हैं। मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। लोगों के अपील है कि शांति बनाए रखें।

