कंपनी, प्रशासन और लेबर ऑफिस की अनदेखी के बाद एससी जॉनसन कंपनी के वर्कर एक महीने के बाद बैठे भूख हड़ताल पर

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बद्दी/नालागढ़ – रजनीश ठाकुर

पिछले 1 महीने से लगातार अपने हक के लिए शांति पूर्वक लड़ाई लड़ रही बद्दी के इक उद्योग एससी जॉनसन कंपनी के वर्कर जो आज 27 सितंबर को उद्योग के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन और सरकार और कंपनी प्रबंधक अपनी तारीख पर तारीख देने वाले रीति रिवाज को नहीं बदलेंगे तो हम अब भूख हड़ताल से आमरण अनशन की तरफ जाएंगे।

उद्योग के समस्त कामगारों का कहना है कि 1 सितंबर 2022 को उक्त उद्योग प्रबंधन ने अनुचित तरीके से 74 कामगारों को रोजगार से हटा दिया और गेट पर ताला लगा दिया था। पिछले 26 दिनों से उद्योग के सभी कामगार शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे लेकिन उद्योग प्रबंधन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

उद्योग की कथित तानाशाही इस कदर बढ़ गई कि उनका सारा काम ठेकेदार को दे दिया गया। उपरोक्त कामगारों का कहना है कि उक्त उद्योग की यूनिट 3 बंद हुआ था, तो वहां के कर्मचारियों को यूनिट 2 में शिफ्ट करके रोजगार दिया गया था।

इसी तर्ज पर हमें भी यूनिट 2मैं शिफ्ट करके रोजगार दिया जाए कामगारों का कहना है कि उनकी नौकरी चले जाने के कारण रोटी के खाने के लाले पड़ गए हैं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। कामगारों का कहना कि अनुचित तरीके से निकाले गए वर्कर आज बद्दी में प्रशासन के पास दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। अंत में थक हार कर वह भूख हड़ताल पर बैठ गए।

उन्होंने बताया कि 18 महिला कर्मचारी भी शामिल है। महिलाओं का कहना है कि भूख हड़ताल से भी उनका समाधान नहीं होता तो अब हम आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। कामगारों का कहना है कि तारीख पे तारीख दी जा रही है। तारीख पर तारीख देना ही अब श्रम विभाग का भी रिवाज बन चुका है लेकिन किसी भी श्रम अधिकारी से हल नहीं हो पा रहा। श्रम अधिकारी ने भी यह तक कह दिया है कि कंपनी नहीं मानी तो मैं कोर्ट में केस भेज दूंगा।

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