
लपियाणा – नवीन गुलेरिया
राष्ट्रीय पर्व,आजादी के 75वें अमृत महोत्सव की पावन वेला पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं शाहपुर कांग्रेस के प्रतिनिधि केवल सिंह पठानिया ने 15 अगस्त 2022 को सुबह 11 बजे शाहपुर चंगर कांग्रेस क्षेत्रीय मुख्यालय, लपियाना के भगवान नृसिंह मंदिर लपियाणा में चंगर कांग्रेस कमेटी के तमाम पदाधिकारियो सहित ध्वजारोहण किया। चंगर कांग्रेस कमेटी भूतपूर्व सैनिक लीग अध्यक्ष स्वर्गीय सिमर सिंह को फूल अर्पित करके श्रधंजलि दी।
शाहपुर कांग्रेस प्रतिनिधि केवल सिंह पठानिया ने आजादी के 75 बर्ष पूरे होने पर प्रदेश बासियों को बधाई दी और कहा कि आज देश ने आजादी के 75 साल पूरे कर लिए हैं। आजादी के अमृत 75 साल पूरे होने पर देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी में कई वीर सपूतों ने शहादत दी।पठानिया ने कहा कि भारी संघर्ष के साथ देश को आजादी मिली है। आजादी के बाद की पीढ़ी को देश की आजादी की महत्ता पता लगे इसके लिए हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वीर सपूतों को याद किया जाता है। देश की आजादी के मौके पर आज पूरा देश तिरंगामय है।
बहुत दुर्भाग्य की बात है कि देश मे पहली बार भारत के इतिहास में ऐसी सरकार बैठी है जिसने आज राष्ट्रीय ध्वज का भी व्यपार करना शरू कर दिया है। जनता के सामने देश भक्ति का ढोंग रचने बाली सरकार का कारनामा सामने आया जो आज पंचायत प्रतिनिधि घर घर जा कर सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को घर घर में जा कर 25 रुपये में बेच रहे हैं।
सरकार इतनी लाचार ओर बेबश हो चुकी है कि एक एक राष्ट्रीय ध्वज भी भारत बासियों को अपनी तरफ से नही दे सकती। भाजपा सरकार प्रदेश में 15 अगस्त की खुशी में करोड़ों रुपये अपने कार्यक्रमो में सरकारी खजाने से उड़ाएंगे।लेकिन भारत बासियों को एक राष्ट्रीय ध्वज भी मुफ्त में उपलब्ध नही करवा पा रही है।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर चंगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरजन सिंह,एस०टी प्रकोष्ठ ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष बाली राम, अशोक भारती, ओम प्रकाश गुलेरिया,प्रधान तिलक राज,प्रधान मंजीत सिंह राणा,प्रधान हेमराज,उप प्रधान भीखम सिंह पटियाल,बलजीत कौर पूर्व प्रधान, अच्छर सिंह,गिरधारी लाल राणा, निर्मल सिंह,जोगिंदर सिंह शर्मा,तरसेम सिंह,बलदेव सिंह, राज कुमार,रमेश कुमार,राजिंदर सिंह, अशोक कुमार,दिनेश मन्हास आदि गणमान्य चंगर क्षेत्र कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य मौजूद थे।
