मछुआरों के हित में पांच प्रमुख बिंदुओं पर करूंगा काम

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संजय पराशर ने 135 मछुआरों को भेंट किए रेनकोट

परागपुर – आशीष कुमार

कैप्टन संजय पराशन ने जसवां-परागपुर क्षेत्र के मछुआरों की समस्याओं के हल के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर काम करने का एलान किया है। पराशर ने घमरूर पंचायत में द बरनाली पौंग डैम फिशरमेन कापोरेटिव सोयायटी लिमिटेड के बैनर तले पंजीकृत मछुआरों और उनके पारिवारिक सदस्यों के साथ बैठक की और 135 रेनकोट मछुआरों को निशुल्क वितरित किए।

इस मौके पर संजय ने कहा कि पिछले वर्षों में मछुआरों की संख्या में जरूर इजाफा हुआ है, लेकिन उनकी आय में कमी आई है। इसके पीछे के कारणों को ढूंढना होगा। पौंग में मछली उत्पादन को लेकर यह भी पता करना होगा कि झील में मछली बीज का प्रतिशत हाल ही के वर्षों में क्या रहा है।

कहा कि इस सोसायटी में मछली पकड़ने के 135 परमिट और कुल 181 मछुआरे हैं, लेकिन आय कम होने से इन परिवारों पर आजीवका चलाने का संकट मंडरा रहा है।

संजय ने कहा कि सभी मछुआरों के हिमकेयर कार्ड सरकार को बिना किसी शुल्क के बनाने चाहिए। साथ में मछुआरों का बीमा भी करवाना चाहिए और अगर कोई अनहाेनी होती है तो इंश्याेरेंस का मुआवजा समय पर मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए।

पराशर ने क्लोज सीजन में मछुआरों को मिलने वाले राहत भत्ते में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भविष्य में मछुआरों को आर्थिक सहायता को समय पर मिले, इस दिशा में सार्थक प्रयास किए जाएंगे। कहा कि यह भत्ता मछुआरों को 90 दिनों के भीतर मिलना चाहिए।

संजय ने मछुआरों के बच्चों को मर्चेंट नेवी मे रोजगार देने की बात करते हुए कहा कि घमरूर से एक मछुआरा परिवार के युवक को शीघ्र ही रोजगार दिया जा रहा है तो इसी परिवार की बेटी भी शीघ्र ही समुद्री जहाज पर दिखेगी।

संजय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का दो दशक से ज्यादा का समय समुद्र में ही व्यतीत किया है। इसलिए वह मछुआरों की हर समस्या को नजदीक से जानते हैं और अब अपने क्षेत्र के मछुआरों की सहायता के लिए अपना शत-प्रतिशत देगें। इसके लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा होने के बाद इस पर काम करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

कहा कि केन्द्र सरकार की मछुआरों के हित में जो भी योजनाएं चल रही हैं, उन्हें लेकर इन परिवारों को अवगत करवाया जाएगा और समय-समय पर मछुआरों के हितों के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। कहा कि अब सरकार के किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है, तो ऐसी योजनाओं की जानकारी उन्हें उपलब्ध करवा कर फायदा देने का प्रयास किया जाएगा।

पराशर ने कहा कि मछुआरा कौम साहसी व जीवंत होती है और वह जानते हैं कि अगर उनके परिवारों के बच्चों को भी सही प्लेटफार्म मिले तो वे जीवन में नई ऊंचाईयों को छू सकते हैं। कहा कि पहले चरण में मछुआरा परिवारों के दस युवाओं को नौकरी देने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर फिशरमेन सोसायटी के प्रधान प्रेम चंद व सचिव कमलेश कुमारी घमरूर, उपप्रधान सुरेंद्र सिंह, जगमोहन सिंह, राम गोपाल, पंचायत के पूर्व उपप्रधान दुनी चंद राणा और कमेटी सदस्य वीर बहुादर भी उपस्थित रहे।

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