
व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले के तार नेपाल और बिहार से भी जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर का गिरोह पेपर लीक प्रकरण में शामिल हैं। मंडी के मनोज से पूछताछ के बाद नेपाल बार्डर के समीप मोतीहारी से एजेंट चंद्रगुप्त को और बिहार के पटना से अमन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार नेपाल के चंद्रगुप्त ने मंडी पेपर पहुंचाए थे। इन्हें मंडी के मनोज ने अभ्यर्थियों को बांटा और उनसे पैसों की उगाही की। इसके बाद इन वसूले पैसों को पटना का अमन लेकर गया था। पुलिस ने इस रैकेट की गुत्थी सुलझा ली है।
मंडी में पेपर रिसीव करने और अभ्यर्थियों से पैसा उगाहने वाला मनोज गिरफ्तारी के बाद 19 मई तक रिमांड पर है। चंद्रगुप्त को पुलिस मंडी ले आई है और अमन को मंगलवार को पटना से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार तीनों पहले भी किसी न किसी पेपर लीक केस में संलिप्त रहे हैं। चंद्रगुप्त और अमन के खिलाफ दक्षिण भारत में भी कई मामले दर्ज हैं। चंद्रगुप्त नेपाल से आया था और पेपर मंडी तक पहुंचाने के बाद बाद नेपाल भाग गया था।
गुप्त सूचना के आधार पर जब वह नेपाल से मोतिहारी आ रहा था तो उसे पकड़ा गया। बल्ह का मनोज 2009 में सीपीएमटी पेपर लीक मामले में संलिप्त रहा है। पेपर लीक मामले में करोड़ों के खेल की आशंका है। मंडी में पुलिस कांस्टेबल भर्ती का टेस्ट देने वालों से पांच से छह लाख के बीच एक पेपर का सौदा हुआ है।
एसपी मंडी ने शालिनी अग्निहोत्री ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मनोज रिमांड पर है। पूछताछ के दौरान उससे ही बिहार और पटना के लिंक का पता चला था। पुलिस मामले में जांच बढ़ा रही है। जल्द कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
सीबीआई को मामला देने से पहले मास्टरमाइंड तक पहुंची पुलिस
पेपर लीक मामले के तार उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से जुड़ गए हैं। सीबीआई को मामला सुपुर्द करने से पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस की एसआईटी इस गड़बड़झाले के मास्टरमाइंड तक पहुंच गई है। अभी तक की पुलिस की तहकीकात में यह खुलासा हुआ है कि पुलिस भर्ती का पेपर लीक करने की साजिश दिल्ली में रची गई थी।
इससे पुलिस को यह शक भी है कि संभवतया इस मामले में संलिप्त आरोपी पूर्व में किए गए इस तरह के अन्य अपराधों में भी शामिल रहे हों। यूपी में भी पहले कई भर्तियों के पेपर लीक होते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा होता रहा है।
ऐसे में इस गैंग के कई भर्ती मामलों से तार जुड़े हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ये दोनों ही आरोपी दिल्ली से ही पेपर लीक के ऑपरेशन को करने की भूमिका रच रहे थे।
अब इन दोनों ही आरोपियों को पुलिस की दो टीमेें उत्तर प्रदेश और बिहार से हिमाचल प्रदेश ला रही है। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर गहरी पूछताछ करेगी। सीएम जय राम ठाकुर स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक इस मामले की जांच सीबीआई शुरू नहीं कर लेती, तब तक पुलिस की एसआईटी की जांच जारी रहेगी।
अब एसआईटी इस लिंक की भी तलाश कर रही है कि मामले का प्रमुख आरोपी शिव बहादुर सिंह ही है या कोई और है। अब तक पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले मेें 29 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
इनके बयान दर्ज किए जाने और डिजिटल साक्ष्य के साथ एसआईटी इन दोनों आरोपियों तक पहुंची है। यह हस्तलिखित प्रश्न पत्र सबसे पहले जिला कांगड़ा में बंटा है
। एसआईटी के प्रमुख आईजी मधु सूदन ने कहा कि शिव बहादुर को उत्तर प्रदेश, जबकि अमन सिंह को बिहार से पकड़ा है।
