
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में विधानसभा के बाहर खालिस्तानी झंडे लगाने और दीवारों पर खालिस्तान से जुड़े नारे लिखने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है. हिमाचल पुलिस लगातार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले से जुड़ी और जानकारी मिल सके.
ताजा जानकारी के अनुसार, पूछताछ में हरबीर सिंह और परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि उन्हें इस काम के लिए दस हजार रुपये दिए गए थे. साथ ही दोनों पंजाब के रुपनगर से खासतौर से इस काम के लिए स्कूटर पर धर्मशाला पहुंचे थे.
पुलिस ने जब विधानसभा के बाहर खालिस्तानी झंडे लगाने को लेकर आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस काम के लिए दस हजार रुपये दिए गए थे. साथ ही उन्होंने लोकल मार्केट से पेंट खरीदा था जिससे उन्होंने दीवारों पर नारे लिखे थे.
हरबीर सिंह और परमजीत सिंह पम्मा स्कूटर से धर्मशाला आए थे. बता दें कि दोनों सोमवार यानी 16 मई तक पुलिस कस्टडी में हैं. इनसे एसआईटी मामले को लेकर जानकारी हासिल कर रही है. पूछताछ के दौरान आरोपयों कबूला कि उन्होंने ही विधानसभा के बाहर स्लोगन लिखे थे और झंडे लगाए थे.
दोनों ने बताया कि ये झंडे वे रुपनगर से लेकर आए थे. बता दें कि हरबीर सिंह को मोरिंदा, रुपनगर से 11 मई को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, परमजीत सिंह पम्मा को दो दिन बाद चमकोर साहिब से पकड़ा गया था. जानकारी के अनुसार दोनों आरोपी पहले से ही अपराध में लिप्त हैं. दोनों पर चोरी और ड्रग्स से जुड़े केस चल रहे हैं.
गौरतलब है कि आठ मई को धर्मशाला में विधानसभा के बाहर खालिस्तान के झंडे लगे नजर आए थे और इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था.
