
धर्मशाला – राजीव जसवाल
पशुओं को फुट एंड माउथ डिसीज से बचाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा हर साल दो बार पालतू पशुओं को वेक्सीनेट किया जाता है। पिछले माह पूर्ण हुए एफएमडी डिसीज वेक्सीनेशन अभियान के तहत 3 लाख पशुओं को वेक्सीनेट किया गया है। इस मर्तबा भेड़-बकरियों को इस रोग से बचाने के लिए आए विशेष आग्रह पर 40 हजार भेड़ बकरियों को भी वेक्सीनेट किया गया है।
पशुपालन विभाग के अनुसार निचले क्षेत्रों में गर्मी पडऩे उपरांत गद्दी समुदाय से संबंधित भेड़पालक अपनी भेड़-बकरियों को लेकर ऊपरी क्षेत्रों का रुख करते हैं, अन्य पशुओं के संपर्क में आने से भेड़-बकरियों में भी यह रोग न लगे, इसके लिए भेड़पालकों द्वारा भेड़-बकरियों को भी एफएमडी से बचाव हेतू वेक्सीन लगाने का आग्रह किया गया था।
जिस पर पशुपालन विभाग ने उच्च अधिकारियों को लिखा और आग्रह स्वरूप 40 हजार भेड़-बकरियों को भी वेक्सीनेट किया गया है। एफएमडी से बचाव हेतू भेड़-बकरियों की वेक्सीनेशन पिछले 4-5 साल से नहीं हो पाई थी, क्योंकि सरकार ने इसे बंद कर दिया था, लेकिन भेड़-बकरियों को भी वेक्सीनेट किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्राय: बड़े मवेशियों को भी एफएमडी से बचाने हेतू वेक्सीनेट किया जाता रहा है, लेकिन भेड़पालकों द्वारा जताई गई आशंका पर विभाग ने भेड़-बकरियों को भी एफएमडी से बचाने हेतू वेक्सीन लगाई है।
उधर पशुपालन विभाग धर्मशाला के डिप्टी डायरेक्टर डा. संजीव धीमान ने बताया कि एफएमडी से बचाव हेतू पिछले माह खत्म हुए अभियान के तहत 3 लाख पशुओं को वेक्सीनेट किया गया है। भेड़पालकों की ओर से भी आग्रह आया था, जिस पर वेक्सीन की उपलब्धता अनुसार 40 हजार भेड़-बकरियों को भी वेक्सीन लगाई है।
